पंचांग · मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027गुवाहाटी

आश्विन · शुक्ल षष्ठी · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:17सूर्योदय17:06सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल षष्ठी
शुक्ल · 02:33, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
02:14, 6 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:1717:06
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:09 –15:37
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:17दिन17:06
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गंड मूल
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:06रात05:17
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल षष्ठी
    02:33, 6 अक्टू॰ तक
  2. शुक्ल सप्तमी
    04:13, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    02:14, 6 अक्टू॰ तक
  2. मूलस्वामी केतु
    04:28, 7 अक्टू॰ तक
योग
  1. आयुष्मान्
    11:42 तक
  2. सौभाग्य
    11:37, 6 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    13:59 तक
  2. तैतिल
    02:33, 6 अक्टू॰ तक
  3. गर
    15:18, 6 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:17
बिंब मध्य 05:20
सूर्यास्त
17:06
बिंब मध्य 17:02
चंद्रोदय
10:23
चंद्रास्त
20:50
दिनमान
11h 49m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृश्चिक
02:14, 6 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:40 –04:28
  • प्रातः संध्या04:04 –05:17
  • अभिजित मुहूर्त10:48 –11:35
  • विजय मुहूर्त13:10 –13:57
  • गोधूलि मुहूर्त17:06 –17:30
  • सायाह्न संध्या17:06 –18:19
  • निशीथ मुहूर्त22:47 –23:36
  • अमृत काल16:53 –18:35
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:09 –15:37
  • यमगंड08:14 –09:43
  • गुलिक काल11:11 –12:40
  • दुर्मुहूर्त07:39 –08:26
  • दुर्मुहूर्त21:59 –22:47
  • वर्ज्य06:41 –08:23
  • गंड मूल05:17 –02:14, 6 अक्टू॰
  • गंड मूल02:14 –05:17, 6 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट05:17 – 06:46
  • उद्वेगअशुभ06:46 – 08:14
  • चरसम08:14 – 09:43
  • लाभलाभ09:43 – 11:11
  • अमृतश्रेष्ठ11:11 – 12:40
  • कालहानि12:40 – 14:09
  • शुभशुभ14:09 – 15:37
  • रोगअनिष्ट15:37 – 17:06
रात
  • कालहानि17:06 – 18:37
  • लाभलाभ18:37 – 20:09
  • उद्वेगअशुभ20:09 – 21:40
  • शुभशुभ21:40 – 23:12
  • अमृतश्रेष्ठ23:12 – 00:43
  • चरसम00:43 – 02:15
  • रोगअनिष्ट02:15 – 03:46
  • कालहानि03:46 – 05:17

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल05:17–06:16
सूर्य06:16–07:15
शुक्र07:15–08:14
बुध08:14–09:13
चन्द्र09:13–10:12
शनि10:12–11:11
गुरु11:11–12:11
मंगल12:11–13:10
सूर्य13:10–14:09
शुक्र14:09–15:08
बुध15:08–16:07
चन्द्र16:07–17:06
रात
ग्रहसमय
शनि17:06–18:07
गुरु18:07–19:08
मंगल19:08–20:09
सूर्य20:09–21:10
शुक्र21:10–22:11
बुध22:11–23:12
चन्द्र23:12–00:13
शनि00:13–01:14
गुरु01:14–02:15
मंगल02:15–03:15
सूर्य03:15–04:16
शुक्र04:16–05:17

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 1 पद07:02 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद13:23 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद19:47 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद02:14, 6 अक्टू॰ तक
  • मूल 1 पद08:44, 6 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 49m
रात्रिमान
12h 11m
मध्याह्न
11:11

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 02:14, 6 अक्टू॰ तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 02:14, 6 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर · 02:14, 6 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 02:33, 6 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 02:33, 6 अक्टू॰ तकभोजन में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:17 –06:17
  • शुभ मुहूर्त06:17 –08:34
  • रोग पंचक08:34 –10:52
  • शुभ मुहूर्त10:52 –12:56
  • मृत्यु पंचक12:56 –14:40
  • अग्नि पंचक14:40 –16:10
  • शुभ मुहूर्त16:10 –17:38
  • मृत्यु पंचक17:38 –19:15
  • अग्नि पंचक19:15 –21:12
  • शुभ मुहूर्त21:12 –23:26
  • राज पंचक23:26 –01:45, 6 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:45 –02:14, 6 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:14 –02:33, 6 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:33 –03:59, 6 अक्टू॰
  • रोग पंचक03:59 –05:17, 6 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:03 –06:17
  • तुला06:17 –08:34
  • वृश्चिक08:34 –10:52
  • धनु10:52 –12:56
  • मकर12:56 –14:40
  • कुम्भ14:40 –16:10
  • मीन16:10 –17:38
  • मेष17:38 –19:15
  • वृषभ19:15 –21:12
  • मिथुन21:12 –23:26
  • कर्क23:26 –01:45, 6 अक्टू॰
  • सिंह01:45 –03:59, 6 अक्टू॰
  • कन्या03:59 –06:13, 6 अक्टू॰

पंचांग · गुवाहाटी, 5 अक्टूबर 2027

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027 को गुवाहाटी में सूर्योदय 05:17 और सूर्यास्त 17:06 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 6 अक्टूबर 02:33 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 6 अक्टूबर 02:14 तक, फिर मूल; योग आयुष्मान् 11:42 तक, फिर सौभाग्य; करण कौलव 13:59 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 14:09–15:37, अभिजित मुहूर्त 10:48–11:35। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

गुवाहाटी में 5 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल षष्ठी 6 अक्टूबर 02:33 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 05:17, गुवाहाटी)।

5 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 6 अक्टूबर 02:14 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 6 अक्टूबर 02:14 तक।

गुवाहाटी में 5 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:09–15:37, यमगण्ड 08:14–09:43, गुलिक काल 11:11–12:40।

गुवाहाटी में 5 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:17, सूर्यास्त 17:06, चंद्रोदय 10:23 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

5 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 10:48–11:35, ब्रह्म मुहूर्त 03:40–04:28। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

गुवाहाटी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2449° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP