पंचांग · रविवार, 13 अक्टूबर 2030दुबई

आश्विन · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:16सूर्योदय17:54सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 17:32 तक
नक्षत्र
भरणी
06:51, 14 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1617:54
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:27 –17:54
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:16दिन17:54
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:54रात06:17
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    17:32 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    19:39, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    06:51, 14 अक्टू॰ तक
योग
  1. वज्र
    00:58, 14 अक्टू॰ तक
  2. सिद्धि
    01:39, 15 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    17:32 तक
  2. वणिज
    06:32, 14 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:16
बिंब मध्य 06:19
सूर्यास्त
17:54
बिंब मध्य 17:50
चंद्रोदय
19:02
चंद्रास्त
07:49
दिनमान
11h 38m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मेष
13:31, 14 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:27
  • प्रातः संध्या05:02 –06:16
  • अभिजित मुहूर्त11:42 –12:28
  • विजय मुहूर्त14:01 –14:48
  • गोधूलि मुहूर्त17:54 –18:19
  • सायाह्न संध्या17:54 –19:08
  • निशीथ मुहूर्त23:40 –00:30, 14 अक्टू॰
  • अमृत काल01:34 –03:20, 14 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:27 –17:54
  • यमगंड12:05 –13:32
  • गुलिक काल14:59 –16:27
  • दुर्मुहूर्त16:21 –17:07
  • वर्ज्य15:00 –16:46

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:16 – 07:43
  • चरसम07:43 – 09:11
  • लाभलाभ09:11 – 10:38
  • अमृतश्रेष्ठ10:38 – 12:05
  • कालहानि12:05 – 13:32
  • शुभशुभ13:32 – 14:59
  • रोगअनिष्ट14:59 – 16:27
  • उद्वेगअशुभ16:27 – 17:54
रात
  • शुभशुभ17:54 – 19:27
  • अमृतश्रेष्ठ19:27 – 21:00
  • चरसम21:00 – 22:32
  • रोगअनिष्ट22:32 – 00:05
  • कालहानि00:05 – 01:38
  • लाभलाभ01:38 – 03:11
  • उद्वेगअशुभ03:11 – 04:44
  • शुभशुभ04:44 – 06:17

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:16–07:14
शुक्र07:14–08:12
बुध08:12–09:11
चन्द्र09:11–10:09
शनि10:09–11:07
गुरु11:07–12:05
मंगल12:05–13:03
सूर्य13:03–14:01
शुक्र14:01–14:59
बुध14:59–15:58
चन्द्र15:58–16:56
शनि16:56–17:54
रात
ग्रहसमय
गुरु17:54–18:56
मंगल18:56–19:58
सूर्य19:58–21:00
शुक्र21:00–22:01
बुध22:01–23:03
चन्द्र23:03–00:05
शनि00:05–01:07
गुरु01:07–02:09
मंगल02:09–03:11
सूर्य03:11–04:13
शुक्र04:13–05:15
बुध05:15–06:17

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 1 पद11:00 तक
  • भरणी 2 पद17:35 तक
  • भरणी 3 पद00:12, 14 अक्टू॰ तक
  • भरणी 4 पद06:51, 14 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 38m
रात्रिमान
12h 23m
मध्याह्न
12:05

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:32 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 17:32 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:16 –06:39
  • शुभ मुहूर्त06:39 –08:56
  • मृत्यु पंचक08:56 –11:13
  • अग्नि पंचक11:13 –13:17
  • शुभ मुहूर्त13:17 –15:02
  • राज पंचक15:02 –16:33
  • शुभ मुहूर्त16:33 –17:32
  • चोर पंचक17:32 –18:02
  • राज पंचक18:02 –19:40
  • शुभ मुहूर्त19:40 –21:37
  • चोर पंचक21:37 –23:51
  • शुभ मुहूर्त23:51 –02:09, 14 अक्टू॰
  • रोग पंचक02:09 –04:23, 14 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:23 –06:17, 14 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:27 –06:39
  • तुला06:39 –08:56
  • वृश्चिक08:56 –11:13
  • धनु11:13 –13:17
  • मकर13:17 –15:02
  • कुम्भ15:02 –16:33
  • मीन16:33 –18:02
  • मेष18:02 –19:40
  • वृषभ19:40 –21:37
  • मिथुन21:37 –23:51
  • कर्क23:51 –02:09, 14 अक्टू॰
  • सिंह02:09 –04:23, 14 अक्टू॰
  • कन्या04:23 –06:36, 14 अक्टू॰

पंचांग · दुबई, 13 अक्टूबर 2030

रविवार, 13 अक्टूबर 2030 को दुबई में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 17:54 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 17:32 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र भरणी 14 अक्टूबर 06:51 तक; योग वज्र 14 अक्टूबर 00:58 तक, फिर सिद्धि; करण गर 17:32 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:27–17:54, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:28। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

दुबई में 13 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 17:32 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:16, दुबई)।

13 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 14 अक्टूबर 06:51 तक। चंद्रमा मेष राशि में 14 अक्टूबर 13:31 तक।

दुबई में 13 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:27–17:54, यमगण्ड 12:05–13:32, गुलिक काल 14:59–16:27।

दुबई में 13 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 17:54, चंद्रोदय 19:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

13 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:42–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

दुबई हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2871° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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