पंचांग · शुक्रवार, 5 अप्रैल 2030चेन्नई

चैत्र · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:03सूर्योदय18:21सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 07:27 तक
नक्षत्र
भरणी
06:55, 6 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0318:21
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:39 –12:12
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:03दिन18:21
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:21रात06:02
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    07:27 तक
  2. शुक्ल तृतीया
    09:56, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    06:55, 6 अप्रैल तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    20:54 तक
  2. प्रीति
    21:53, 6 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    07:27 तक
  2. तैतिल
    20:40 तक
  3. गर
    09:56, 6 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:03
बिंब मध्य 06:06
सूर्यास्त
18:21
बिंब मध्य 18:17
चंद्रोदय
07:21
चंद्रास्त
20:21
दिनमान
12h 18m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मेष
13:42, 6 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:16
  • प्रातः संध्या04:52 –06:03
  • अभिजित मुहूर्त11:47 –12:36
  • विजय मुहूर्त14:15 –15:04
  • गोधूलि मुहूर्त18:21 –18:44
  • सायाह्न संध्या18:21 –19:31
  • निशीथ मुहूर्त23:48 –00:35, 6 अप्रैल
  • अमृत काल01:32 –03:20, 6 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:39 –12:12
  • यमगंड15:16 –16:49
  • गुलिक काल07:35 –09:07
  • दुर्मुहूर्त08:30 –09:20
  • दुर्मुहूर्त12:36 –13:26
  • वर्ज्य14:46 –16:33

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:03 – 07:35
  • लाभलाभ07:35 – 09:07
  • अमृतश्रेष्ठ09:07 – 10:39
  • कालहानि10:39 – 12:12
  • शुभशुभ12:12 – 13:44
  • रोगअनिष्ट13:44 – 15:16
  • उद्वेगअशुभ15:16 – 16:49
  • चरसम16:49 – 18:21
रात
  • रोगअनिष्ट18:21 – 19:48
  • कालहानि19:48 – 21:16
  • लाभलाभ21:16 – 22:44
  • उद्वेगअशुभ22:44 – 00:11
  • शुभशुभ00:11 – 01:39
  • अमृतश्रेष्ठ01:39 – 03:07
  • चरसम03:07 – 04:34
  • रोगअनिष्ट04:34 – 06:02

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:03–07:04
बुध07:04–08:06
चन्द्र08:06–09:07
शनि09:07–10:09
गुरु10:09–11:10
मंगल11:10–12:12
सूर्य12:12–13:13
शुक्र13:13–14:15
बुध14:15–15:16
चन्द्र15:16–16:18
शनि16:18–17:19
गुरु17:19–18:21
रात
ग्रहसमय
मंगल18:21–19:19
सूर्य19:19–20:18
शुक्र20:18–21:16
बुध21:16–22:15
चन्द्र22:15–23:13
शनि23:13–00:11
गुरु00:11–01:10
मंगल01:10–02:08
सूर्य02:08–03:07
शुक्र03:07–04:05
बुध04:05–05:04
चन्द्र05:04–06:02

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 1 पद10:42 तक
  • भरणी 2 पद17:25 तक
  • भरणी 3 पद00:10, 6 अप्रैल तक
  • भरणी 4 पद06:55, 6 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 18m
रात्रिमान
11h 41m
मध्याह्न
12:12

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
आकाश · 07:27 तकपाताल
शिववास
गौरी के साथ · 07:27 तकसभा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:03 –06:36
  • अग्नि पंचक06:36 –07:27
  • शुभ मुहूर्त07:27 –08:24
  • राज पंचक08:24 –10:26
  • शुभ मुहूर्त10:26 –12:38
  • चोर पंचक12:38 –14:47
  • शुभ मुहूर्त14:47 –16:50
  • रोग पंचक16:50 –18:52
  • शुभ मुहूर्त18:52 –20:58
  • मृत्यु पंचक20:58 –23:10
  • अग्नि पंचक23:10 –01:17, 6 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:17 –03:11, 6 अप्रैल
  • राज पंचक03:11 –04:52, 6 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:52 –06:02, 6 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:56 –06:36
  • मेष06:36 –08:24
  • वृषभ08:24 –10:26
  • मिथुन10:26 –12:38
  • कर्क12:38 –14:47
  • सिंह14:47 –16:50
  • कन्या16:50 –18:52
  • तुला18:52 –20:58
  • वृश्चिक20:58 –23:10
  • धनु23:10 –01:17, 6 अप्रैल
  • मकर01:17 –03:11, 6 अप्रैल
  • कुम्भ03:11 –04:52, 6 अप्रैल
  • मीन04:52 –06:32, 6 अप्रैल

पंचांग · चेन्नई, 5 अप्रैल 2030

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2030 को चेन्नई में सूर्योदय 06:03 और सूर्यास्त 18:21 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 07:27 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र भरणी 6 अप्रैल 06:55 तक; योग विष्कुम्भ 20:54 तक, फिर प्रीति; करण कौलव 07:27 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:39–12:12, अभिजित मुहूर्त 11:47–12:36। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

चेन्नई में 5 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 07:27 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 06:03, चेन्नई)।

5 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 6 अप्रैल 06:55 तक। चंद्रमा मेष राशि में 6 अप्रैल 13:42 तक।

चेन्नई में 5 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:39–12:12, यमगण्ड 15:16–16:49, गुलिक काल 07:35–09:07।

चेन्नई में 5 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 18:21, चंद्रोदय 07:21 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

5 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:47–12:36, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:16। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

चेन्नई हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2798° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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