पंचांग · गुरुवार, 4 अप्रैल 2030चेन्नई
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया07:27, 5 अप्रैल तक
- अश्विनीस्वामी केतु03:59, 5 अप्रैल तक
- भरणीस्वामी शुक्र06:55, 6 अप्रैल तक
- वैधृति20:06 तक
- विष्कुम्भ20:54, 5 अप्रैल तक
- बालव18:20 तक
- कौलव07:27, 5 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:03बिंब मध्य 06:06
- सूर्यास्त
- 18:21बिंब मध्य 18:17
- चंद्रोदय
- 06:40
- चंद्रास्त
- 19:31
- दिनमान
- 12h 18m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मेष13:42, 6 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:30 –05:16
- प्रातः संध्या04:53 –06:03
- अभिजित मुहूर्त11:47 –12:37
- विजय मुहूर्त14:15 –15:04
- गोधूलि मुहूर्त18:21 –18:44
- सायाह्न संध्या18:21 –19:31
- निशीथ मुहूर्त23:48 –00:35, 5 अप्रैल
- अमृत काल20:00 –21:46
- राहु काल13:44 –15:16
- यमगंड06:03 –07:35
- गुलिक काल09:08 –10:40
- दुर्मुहूर्त10:09 –10:58
- दुर्मुहूर्त15:04 –15:53
- वर्ज्य23:33 –01:19, 5 अप्रैल
- गंड मूल06:03 –03:59, 5 अप्रैल
चौघड़िया
- शुभशुभ06:03 – 07:35
- रोगअनिष्ट07:35 – 09:08
- उद्वेगअशुभ09:08 – 10:40
- चरसम10:40 – 12:12
- लाभलाभ12:12 – 13:44
- अमृतश्रेष्ठ13:44 – 15:16
- कालहानि15:16 – 16:49
- शुभशुभ16:49 – 18:21
- अमृतश्रेष्ठ18:21 – 19:49
- चरसम19:49 – 21:16
- रोगअनिष्ट21:16 – 22:44
- कालहानि22:44 – 00:12
- लाभलाभ00:12 – 01:39
- उद्वेगअशुभ01:39 – 03:07
- शुभशुभ03:07 – 04:35
- अमृतश्रेष्ठ04:35 – 06:03
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:03–07:05 |
| मंगल | 07:05–08:06 |
| सूर्य | 08:06–09:08 |
| शुक्र | 09:08–10:09 |
| बुध | 10:09–11:11 |
| चन्द्र | 11:11–12:12 |
| शनि | 12:12–13:13 |
| गुरु | 13:13–14:15 |
| मंगल | 14:15–15:16 |
| सूर्य | 15:16–16:18 |
| शुक्र | 16:18–17:19 |
| बुध | 17:19–18:21 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:21–19:19 |
| शनि | 19:19–20:18 |
| गुरु | 20:18–21:16 |
| मंगल | 21:16–22:15 |
| सूर्य | 22:15–23:13 |
| शुक्र | 23:13–00:12 |
| बुध | 00:12–01:10 |
| चन्द्र | 01:10–02:09 |
| शनि | 02:09–03:07 |
| गुरु | 03:07–04:06 |
| मंगल | 04:06–05:04 |
| सूर्य | 05:04–06:03 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्विनी 1 पद07:59 तक
- अश्विनी 2 पद14:38 तक
- अश्विनी 3 पद21:18 तक
- अश्विनी 4 पद03:59, 5 अप्रैल तक
- भरणी 1 पद10:42, 5 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 18m
- रात्रिमान
- 11h 42m
- मध्याह्न
- 12:12
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:03 –06:40
- शुभ मुहूर्त06:40 –08:28
- मृत्यु पंचक08:28 –10:30
- अग्नि पंचक10:30 –12:42
- शुभ मुहूर्त12:42 –14:51
- राज पंचक14:51 –16:54
- शुभ मुहूर्त16:54 –18:56
- चोर पंचक18:56 –21:02
- शुभ मुहूर्त21:02 –23:14
- रोग पंचक23:14 –01:21, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:21 –03:14, 5 अप्रैल
- मृत्यु पंचक03:14 –03:59, 5 अप्रैल
- अग्नि पंचक03:59 –04:56, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:56 –06:03, 5 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:00 –06:40
- मेष06:40 –08:28
- वृषभ08:28 –10:30
- मिथुन10:30 –12:42
- कर्क12:42 –14:51
- सिंह14:51 –16:54
- कन्या16:54 –18:56
- तुला18:56 –21:02
- वृश्चिक21:02 –23:14
- धनु23:14 –01:21, 5 अप्रैल
- मकर01:21 –03:14, 5 अप्रैल
- कुम्भ03:14 –04:56, 5 अप्रैल
- मीन04:56 –06:36, 5 अप्रैल
पंचांग · चेन्नई, 4 अप्रैल 2030
गुरुवार, 4 अप्रैल 2030 को चेन्नई में सूर्योदय 06:03 और सूर्यास्त 18:21 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 5 अप्रैल 07:27 तक; नक्षत्र अश्विनी 5 अप्रैल 03:59 तक, फिर भरणी; योग वैधृति 20:06 तक, फिर विष्कुम्भ; करण बालव 18:20 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:44–15:16, अभिजित मुहूर्त 11:47–12:37। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
चेन्नई में 4 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 5 अप्रैल 07:27 तक (सूर्योदय 06:03, चेन्नई)।
4 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्विनी 5 अप्रैल 03:59 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 6 अप्रैल 13:42 तक।
चेन्नई में 4 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:44–15:16, यमगण्ड 06:03–07:35, गुलिक काल 09:08–10:40।
चेन्नई में 4 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 18:21, चंद्रोदय 06:40 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:47–12:37, ब्रह्म मुहूर्त 04:30–05:16। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
चेन्नई हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2797° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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