पंचांग · शुक्रवार, 25 अप्रैल 2031भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्थी04:24, 26 अप्रैल तक
- शुक्ल पंचमी06:52, 27 अप्रैल तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र16:30 तक
- मृगशिरास्वामी मंगल19:24, 26 अप्रैल तक
- शोभन21:16 तक
- अतिगण्ड22:10, 26 अप्रैल तक
- वणिज15:16 तक
- विष्टि04:24, 26 अप्रैल तक
- बव17:37, 26 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:21बिंब मध्य 05:25
- सूर्यास्त
- 18:08बिंब मध्य 18:04
- चंद्रोदय
- 07:50
- चंद्रास्त
- 21:22
- दिनमान
- 12h 47m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- वृषभ05:55, 26 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:52 –04:37
- प्रातः संध्या04:14 –05:21
- अभिजित मुहूर्त11:19 –12:10
- विजय मुहूर्त13:53 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त18:08 –18:31
- सायाह्न संध्या18:08 –19:16
- निशीथ मुहूर्त23:22 –00:07, 26 अप्रैल
- अमृत काल12:58 –14:44
- राहु काल10:09 –11:45
- यमगंड14:57 –16:32
- गुलिक काल06:57 –08:33
- दुर्मुहूर्त07:55 –08:46
- दुर्मुहूर्त12:10 –13:02
- वर्ज्य07:39 –09:25
- वर्ज्य22:47 –00:34, 26 अप्रैल
- भद्रा15:16 –04:24, 26 अप्रैल
चौघड़िया
- चरसम05:21 – 06:57
- लाभलाभ06:57 – 08:33
- अमृतश्रेष्ठ08:33 – 10:09
- कालहानि10:09 – 11:45
- शुभशुभ11:45 – 13:21
- रोगअनिष्ट13:21 – 14:57
- उद्वेगअशुभ14:57 – 16:32
- चरसम16:32 – 18:08
- रोगअनिष्ट18:08 – 19:32
- कालहानि19:32 – 20:56
- लाभलाभ20:56 – 22:21
- उद्वेगअशुभ22:21 – 23:45
- शुभशुभ23:45 – 01:09
- अमृतश्रेष्ठ01:09 – 02:33
- चरसम02:33 – 03:57
- रोगअनिष्ट03:57 – 05:21
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:21–06:25 |
| बुध | 06:25–07:29 |
| चन्द्र | 07:29–08:33 |
| शनि | 08:33–09:37 |
| गुरु | 09:37–10:41 |
| मंगल | 10:41–11:45 |
| सूर्य | 11:45–12:49 |
| शुक्र | 12:49–13:53 |
| बुध | 13:53–14:57 |
| चन्द्र | 14:57–16:01 |
| शनि | 16:01–17:04 |
| गुरु | 17:04–18:08 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:08–19:04 |
| सूर्य | 19:04–20:00 |
| शुक्र | 20:00–20:56 |
| बुध | 20:56–21:52 |
| चन्द्र | 21:52–22:49 |
| शनि | 22:49–23:45 |
| गुरु | 23:45–00:41 |
| मंगल | 00:41–01:37 |
| सूर्य | 01:37–02:33 |
| शुक्र | 02:33–03:29 |
| बुध | 03:29–04:25 |
| चन्द्र | 04:25–05:21 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 3 पद09:50 तक
- रोहिणी 4 पद16:30 तक
- मृगशिरा 1 पद23:12 तक
- मृगशिरा 2 पद05:55, 26 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 47m
- रात्रिमान
- 11h 13m
- मध्याह्न
- 11:45
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:24, 26 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 04:24, 26 अप्रैल तककैलाश पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:21 –06:33
- शुभ मुहूर्त06:33 –08:33
- रोग पंचक08:33 –10:46
- शुभ मुहूर्त10:46 –13:00
- मृत्यु पंचक13:00 –15:09
- अग्नि पंचक15:09 –16:30
- शुभ मुहूर्त16:30 –17:17
- राज पंचक17:17 –19:29
- शुभ मुहूर्त19:29 –21:44
- चोर पंचक21:44 –23:50
- शुभ मुहूर्त23:50 –01:38, 26 अप्रैल
- रोग पंचक01:38 –03:14, 26 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:14 –04:24, 26 अप्रैल
- मृत्यु पंचक04:24 –04:47, 26 अप्रैल
- रोग पंचक04:47 –05:21, 26 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष04:51 –06:33
- वृषभ06:33 –08:33
- मिथुन08:33 –10:46
- कर्क10:46 –13:00
- सिंह13:00 –15:09
- कन्या15:09 –17:17
- तुला17:17 –19:29
- वृश्चिक19:29 –21:44
- धनु21:44 –23:50
- मकर23:50 –01:38, 26 अप्रैल
- कुम्भ01:38 –03:14, 26 अप्रैल
- मीन03:14 –04:47, 26 अप्रैल
- मेष04:47 –06:30, 26 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 25 अप्रैल 2031
शुक्रवार, 25 अप्रैल 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:21 और सूर्यास्त 18:08 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 26 अप्रैल 04:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र रोहिणी 16:30 तक, फिर मृगशिरा; योग शोभन 21:16 तक, फिर अतिगण्ड; करण वणिज 15:16 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:09–11:45, अभिजित मुहूर्त 11:19–12:10। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 25 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्थी 26 अप्रैल 04:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 05:21, भुवनेश्वर)।
25 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 16:30 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 26 अप्रैल 05:55 तक।
भुवनेश्वर में 25 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:09–11:45, यमगण्ड 14:57–16:32, गुलिक काल 06:57–08:33।
भुवनेश्वर में 25 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 18:08, चंद्रोदय 07:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
25 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:19–12:10, ब्रह्म मुहूर्त 03:52–04:37। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2945° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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