पंचांग · रविवार, 13 अप्रैल 2031भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण षष्ठी09:46 तक
- कृष्ण सप्तमी07:32, 14 अप्रैल तक
- मूलस्वामी केतु14:06 तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र12:38, 14 अप्रैल तक
- परिघ15:46 तक
- शिव12:51, 14 अप्रैल तक
- वणिज09:46 तक
- विष्टि20:38 तक
- बव07:32, 14 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:31बिंब मध्य 05:34
- सूर्यास्त
- 18:04बिंब मध्य 18:00
- चंद्रोदय
- 23:46
- चंद्रास्त
- 10:12
- दिनमान
- 12h 33m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- धनु18:17, 14 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:59 –04:45
- प्रातः संध्या04:22 –05:31
- अभिजित मुहूर्त11:22 –12:13
- विजय मुहूर्त13:53 –14:43
- गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:27
- सायाह्न संध्या18:04 –19:13
- निशीथ मुहूर्त23:24 –00:10, 14 अप्रैल
- अमृत काल08:07 –09:36
- राहु काल16:30 –18:04
- यमगंड11:47 –13:22
- गुलिक काल14:56 –16:30
- दुर्मुहूर्त16:24 –17:14
- वर्ज्य12:36 –14:06
- वर्ज्य23:07 –00:37, 14 अप्रैल
- गंड मूल05:31 –14:06
- भद्रा09:46 –20:38
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ05:31 – 07:05
- चरसम07:05 – 08:39
- लाभलाभ08:39 – 10:13
- अमृतश्रेष्ठ10:13 – 11:47
- कालहानि11:47 – 13:22
- शुभशुभ13:22 – 14:56
- रोगअनिष्ट14:56 – 16:30
- उद्वेगअशुभ16:30 – 18:04
- शुभशुभ18:04 – 19:30
- अमृतश्रेष्ठ19:30 – 20:56
- चरसम20:56 – 22:21
- रोगअनिष्ट22:21 – 23:47
- कालहानि23:47 – 01:13
- लाभलाभ01:13 – 02:38
- उद्वेगअशुभ02:38 – 04:04
- शुभशुभ04:04 – 05:30
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 05:31–06:33 |
| शुक्र | 06:33–07:36 |
| बुध | 07:36–08:39 |
| चन्द्र | 08:39–09:42 |
| शनि | 09:42–10:45 |
| गुरु | 10:45–11:47 |
| मंगल | 11:47–12:50 |
| सूर्य | 12:50–13:53 |
| शुक्र | 13:53–14:56 |
| बुध | 14:56–15:59 |
| चन्द्र | 15:59–17:02 |
| शनि | 17:02–18:04 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:04–19:02 |
| मंगल | 19:02–19:59 |
| सूर्य | 19:59–20:56 |
| शुक्र | 20:56–21:53 |
| बुध | 21:53–22:50 |
| चन्द्र | 22:50–23:47 |
| शनि | 23:47–00:44 |
| गुरु | 00:44–01:41 |
| मंगल | 01:41–02:38 |
| सूर्य | 02:38–03:35 |
| शुक्र | 03:35–04:33 |
| बुध | 04:33–05:30 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 3 पद08:29 तक
- मूल 4 पद14:06 तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद19:43 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद01:21, 14 अप्रैल तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद06:59, 14 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 33m
- रात्रिमान
- 11h 26m
- मध्याह्न
- 11:47
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 09:46 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 09:46 तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:31 –05:38
- चोर पंचक05:38 –07:21
- शुभ मुहूर्त07:21 –09:20
- रोग पंचक09:20 –09:46
- शुभ मुहूर्त09:46 –11:33
- मृत्यु पंचक11:33 –13:47
- अग्नि पंचक13:47 –14:06
- शुभ मुहूर्त14:06 –15:56
- राज पंचक15:56 –18:04
- शुभ मुहूर्त18:04 –20:17
- चोर पंचक20:17 –22:31
- शुभ मुहूर्त22:31 –00:37, 14 अप्रैल
- रोग पंचक00:37 –02:25, 14 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:25 –04:01, 14 अप्रैल
- मृत्यु पंचक04:01 –05:30, 14 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:05 –05:38
- मेष05:38 –07:21
- वृषभ07:21 –09:20
- मिथुन09:20 –11:33
- कर्क11:33 –13:47
- सिंह13:47 –15:56
- कन्या15:56 –18:04
- तुला18:04 –20:17
- वृश्चिक20:17 –22:31
- धनु22:31 –00:37, 14 अप्रैल
- मकर00:37 –02:25, 14 अप्रैल
- कुम्भ02:25 –04:01, 14 अप्रैल
- मीन04:01 –05:34, 14 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 13 अप्रैल 2031
रविवार, 13 अप्रैल 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:31 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 09:46 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र मूल 14:06 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग परिघ 15:46 तक, फिर शिव; करण वणिज 09:46 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 16:30–18:04, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:13। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 13 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण षष्ठी 09:46 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 05:31, भुवनेश्वर)।
13 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 14:06 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 14 अप्रैल 18:17 तक।
भुवनेश्वर में 13 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 16:30–18:04, यमगण्ड 11:47–13:22, गुलिक काल 14:56–16:30।
भुवनेश्वर में 13 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 23:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
13 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:22–12:13, ब्रह्म मुहूर्त 03:59–04:45। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2940° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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