पंचांग · मंगलवार, 1 अप्रैल 2031भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल नवमी21:34 तक
- शुक्ल दशमी23:24, 2 अप्रैल तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु17:21 तक
- पुष्यस्वामी शनि19:47, 2 अप्रैल तक
- अतिगण्ड16:14 तक
- सुकर्मा16:43, 2 अप्रैल तक
- बालव08:29 तक
- कौलव21:34 तक
- तैतिल10:33, 2 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:41बिंब मध्य 05:44
- सूर्यास्त
- 18:01बिंब मध्य 17:57
- चंद्रोदय
- 12:28
- चंद्रास्त
- 01:00
- दिनमान
- 12h 20m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मिथुन10:40 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:54
- प्रातः संध्या04:31 –05:41
- अभिजित मुहूर्त11:26 –12:16
- विजय मुहूर्त13:54 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त18:01 –18:24
- सायाह्न संध्या18:01 –19:11
- निशीथ मुहूर्त23:27 –00:14, 2 अप्रैल
- अमृत काल14:40 –16:28
- राहु काल14:56 –16:28
- यमगंड08:46 –10:18
- गुलिक काल11:51 –13:23
- दुर्मुहूर्त08:09 –08:58
- दुर्मुहूर्त22:41 –23:27
- वर्ज्य03:56 –05:43
- वर्ज्य02:10 –03:56, 2 अप्रैल
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:41 – 07:13
- उद्वेगअशुभ07:13 – 08:46
- चरसम08:46 – 10:18
- लाभलाभ10:18 – 11:51
- अमृतश्रेष्ठ11:51 – 13:23
- कालहानि13:23 – 14:56
- शुभशुभ14:56 – 16:28
- रोगअनिष्ट16:28 – 18:01
- कालहानि18:01 – 19:28
- लाभलाभ19:28 – 20:56
- उद्वेगअशुभ20:56 – 22:23
- शुभशुभ22:23 – 23:50
- अमृतश्रेष्ठ23:50 – 01:18
- चरसम01:18 – 02:45
- रोगअनिष्ट02:45 – 04:12
- कालहानि04:12 – 05:40
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:41–06:42 |
| सूर्य | 06:42–07:44 |
| शुक्र | 07:44–08:46 |
| बुध | 08:46–09:47 |
| चन्द्र | 09:47–10:49 |
| शनि | 10:49–11:51 |
| गुरु | 11:51–12:53 |
| मंगल | 12:53–13:54 |
| सूर्य | 13:54–14:56 |
| शुक्र | 14:56–15:58 |
| बुध | 15:58–16:59 |
| चन्द्र | 16:59–18:01 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:01–18:59 |
| गुरु | 18:59–19:57 |
| मंगल | 19:57–20:56 |
| सूर्य | 20:56–21:54 |
| शुक्र | 21:54–22:52 |
| बुध | 22:52–23:50 |
| चन्द्र | 23:50–00:49 |
| शनि | 00:49–01:47 |
| गुरु | 01:47–02:45 |
| मंगल | 02:45–03:43 |
| सूर्य | 03:43–04:42 |
| शुक्र | 04:42–05:40 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 3 पद10:40 तक
- पुनर्वसु 4 पद17:21 तक
- पुष्य 1 पद00:01, 2 अप्रैल तक
- पुष्य 2 पद06:38, 2 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 20m
- रात्रिमान
- 11h 39m
- मध्याह्न
- 11:51
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम · 10:40 तकउत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 21:34 तकपाताल
- शिववास
- गौरी के साथ · 21:34 तकसभा में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक05:41 –06:25
- अग्नि पंचक06:25 –08:08
- शुभ मुहूर्त08:08 –10:07
- राज पंचक10:07 –12:20
- शुभ मुहूर्त12:20 –14:34
- चोर पंचक14:34 –16:43
- शुभ मुहूर्त16:43 –17:21
- रोग पंचक17:21 –18:51
- शुभ मुहूर्त18:51 –21:04
- मृत्यु पंचक21:04 –21:34
- अग्नि पंचक21:34 –23:18
- शुभ मुहूर्त23:18 –01:24, 2 अप्रैल
- राज पंचक01:24 –03:13, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:13 –04:48, 2 अप्रैल
- चोर पंचक04:48 –05:40, 2 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:52 –06:25
- मेष06:25 –08:08
- वृषभ08:08 –10:07
- मिथुन10:07 –12:20
- कर्क12:20 –14:34
- सिंह14:34 –16:43
- कन्या16:43 –18:51
- तुला18:51 –21:04
- वृश्चिक21:04 –23:18
- धनु23:18 –01:24, 2 अप्रैल
- मकर01:24 –03:13, 2 अप्रैल
- कुम्भ03:13 –04:48, 2 अप्रैल
- मीन04:48 –06:21, 2 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 1 अप्रैल 2031
मंगलवार, 1 अप्रैल 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:41 और सूर्यास्त 18:01 पर है। तिथि शुक्ल नवमी 21:34 तक, फिर शुक्ल दशमी; नक्षत्र पुनर्वसु 17:21 तक, फिर पुष्य; योग अतिगण्ड 16:14 तक, फिर सुकर्मा; करण बालव 08:29 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 14:56–16:28, अभिजित मुहूर्त 11:26–12:16। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 1 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल नवमी 21:34 तक, फिर शुक्ल दशमी (सूर्योदय 05:41, भुवनेश्वर)।
1 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 17:21 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 10:40 तक।
भुवनेश्वर में 1 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:56–16:28, यमगण्ड 08:46–10:18, गुलिक काल 11:51–13:23।
भुवनेश्वर में 1 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:01, चंद्रोदय 12:28 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:26–12:16, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:54। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 अप्रैल 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
राम नवमी।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2936° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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