पंचांग · शुक्रवार, 1 नवंबर 2030भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल षष्ठी08:04 तक
- शुक्ल सप्तमी06:11, 2 नव॰ तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र08:29 तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य07:19, 2 नव॰ तक
- धृति17:18 तक
- शूल14:46, 2 नव॰ तक
- तैतिल08:04 तक
- गर19:04 तक
- वणिज06:11, 2 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:48बिंब मध्य 05:52
- सूर्यास्त
- 17:12बिंब मध्य 17:08
- चंद्रोदय
- 11:07
- चंद्रास्त
- 22:39
- दिनमान
- 11h 24m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- धनु14:08 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:08 –04:58
- प्रातः संध्या04:33 –05:48
- अभिजित मुहूर्त11:07 –11:53
- विजय मुहूर्त13:24 –14:10
- गोधूलि मुहूर्त17:12 –17:37
- सायाह्न संध्या17:12 –18:28
- निशीथ मुहूर्त23:05 –23:56
- अमृत काल01:13 –02:45, 2 नव॰
- राहु काल10:05 –11:30
- यमगंड14:21 –15:47
- गुलिक काल07:14 –08:39
- दुर्मुहूर्त08:05 –08:51
- दुर्मुहूर्त11:53 –12:39
- वर्ज्य16:05 –17:37
चौघड़िया
- चरसम05:48 – 07:14
- लाभलाभ07:14 – 08:39
- अमृतश्रेष्ठ08:39 – 10:05
- कालहानि10:05 – 11:30
- शुभशुभ11:30 – 12:56
- रोगअनिष्ट12:56 – 14:21
- उद्वेगअशुभ14:21 – 15:47
- चरसम15:47 – 17:12
- रोगअनिष्ट17:12 – 18:47
- कालहानि18:47 – 20:21
- लाभलाभ20:21 – 21:56
- उद्वेगअशुभ21:56 – 23:30
- शुभशुभ23:30 – 01:05
- अमृतश्रेष्ठ01:05 – 02:40
- चरसम02:40 – 04:14
- रोगअनिष्ट04:14 – 05:49
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:48–06:45 |
| बुध | 06:45–07:42 |
| चन्द्र | 07:42–08:39 |
| शनि | 08:39–09:36 |
| गुरु | 09:36–10:33 |
| मंगल | 10:33–11:30 |
| सूर्य | 11:30–12:27 |
| शुक्र | 12:27–13:24 |
| बुध | 13:24–14:21 |
| चन्द्र | 14:21–15:18 |
| शनि | 15:18–16:15 |
| गुरु | 16:15–17:12 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 17:12–18:15 |
| सूर्य | 18:15–19:18 |
| शुक्र | 19:18–20:21 |
| बुध | 20:21–21:24 |
| चन्द्र | 21:24–22:27 |
| शनि | 22:27–23:30 |
| गुरु | 23:30–00:33 |
| मंगल | 00:33–01:37 |
| सूर्य | 01:37–02:40 |
| शुक्र | 02:40–03:43 |
| बुध | 03:43–04:46 |
| चन्द्र | 04:46–05:49 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद08:29 तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद14:08 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद19:50 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद01:33, 2 नव॰ तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद07:19, 2 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 24m
- रात्रिमान
- 12h 37m
- मध्याह्न
- 11:30
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व · 14:08 तकदक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 08:04 तकपाताल
- शिववास
- नंदी पर · 08:04 तकभोजन में
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:48 –07:01
- राज पंचक07:01 –08:04
- शुभ मुहूर्त08:04 –08:29
- चोर पंचक08:29 –09:16
- शुभ मुहूर्त09:16 –11:22
- रोग पंचक11:22 –13:10
- शुभ मुहूर्त13:10 –14:46
- मृत्यु पंचक14:46 –16:19
- रोग पंचक16:19 –18:02
- शुभ मुहूर्त18:02 –20:01
- मृत्यु पंचक20:01 –22:14
- अग्नि पंचक22:14 –00:28, 2 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:28 –02:37, 2 नव॰
- राज पंचक02:37 –04:45, 2 नव॰
- शुभ मुहूर्त04:45 –05:49, 2 नव॰
उदय लग्न
- तुला04:49 –07:01
- वृश्चिक07:01 –09:16
- धनु09:16 –11:22
- मकर11:22 –13:10
- कुम्भ13:10 –14:46
- मीन14:46 –16:19
- मेष16:19 –18:02
- वृषभ18:02 –20:01
- मिथुन20:01 –22:14
- कर्क22:14 –00:28, 2 नव॰
- सिंह00:28 –02:37, 2 नव॰
- कन्या02:37 –04:45, 2 नव॰
- तुला04:45 –06:57, 2 नव॰
पंचांग · भुवनेश्वर, 1 नवंबर 2030
शुक्रवार, 1 नवंबर 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:48 और सूर्यास्त 17:12 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 08:04 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 08:29 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग धृति 17:18 तक, फिर शूल; करण तैतिल 08:04 तक, फिर गर। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:05–11:30, अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 1 नवंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल षष्ठी 08:04 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 05:48, भुवनेश्वर)।
1 नवंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 08:29 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 14:08 तक।
भुवनेश्वर में 1 नवंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:05–11:30, यमगण्ड 14:21–15:47, गुलिक काल 07:14–08:39।
भुवनेश्वर में 1 नवंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 17:12, चंद्रोदय 11:07 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 नवंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:08–04:58। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2878° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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