पंचांग · शुक्रवार, 17 मई 2030भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- पूर्णिमा16:49 तक
- कृष्ण प्रतिपदा13:01, 18 मई तक
- विशाखास्वामी गुरु18:23 तक
- अनुराधास्वामी शनि15:26, 18 मई तक
- वरीयान्09:54 तक
- परिघ05:39, 18 मई तक
- विष्टि06:43 तक
- बव16:49 तक
- बालव02:54, 18 मई तक
- कौलव13:01, 18 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:10बिंब मध्य 05:13
- सूर्यास्त
- 18:17बिंब मध्य 18:13
- चंद्रोदय
- 18:18
- चंद्रास्त
- 04:39
- दिनमान
- 13h 7m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- तुला13:08 तक
- सूर्य राशि
- वृषभ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:42 –04:26
- प्रातः संध्या04:04 –05:10
- अभिजित मुहूर्त11:17 –12:09
- विजय मुहूर्त13:54 –14:47
- गोधूलि मुहूर्त18:17 –18:39
- सायाह्न संध्या18:17 –19:22
- निशीथ मुहूर्त23:21 –00:05, 18 मई
- अमृत काल10:41 –12:05
- राहु काल10:05 –11:43
- यमगंड15:00 –16:38
- गुलिक काल06:48 –08:26
- दुर्मुहूर्त07:47 –08:40
- दुर्मुहूर्त12:09 –13:02
- वर्ज्य21:54 –23:18
- भद्रा05:10 –06:43
चौघड़िया
- चरसम05:10 – 06:48
- लाभलाभ06:48 – 08:26
- अमृतश्रेष्ठ08:26 – 10:05
- कालहानि10:05 – 11:43
- शुभशुभ11:43 – 13:22
- रोगअनिष्ट13:22 – 15:00
- उद्वेगअशुभ15:00 – 16:38
- चरसम16:38 – 18:17
- रोगअनिष्ट18:17 – 19:38
- कालहानि19:38 – 21:00
- लाभलाभ21:00 – 22:22
- उद्वेगअशुभ22:22 – 23:43
- शुभशुभ23:43 – 01:05
- अमृतश्रेष्ठ01:05 – 02:26
- चरसम02:26 – 03:48
- रोगअनिष्ट03:48 – 05:09
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:10–06:15 |
| बुध | 06:15–07:21 |
| चन्द्र | 07:21–08:26 |
| शनि | 08:26–09:32 |
| गुरु | 09:32–10:38 |
| मंगल | 10:38–11:43 |
| सूर्य | 11:43–12:49 |
| शुक्र | 12:49–13:54 |
| बुध | 13:54–15:00 |
| चन्द्र | 15:00–16:06 |
| शनि | 16:06–17:11 |
| गुरु | 17:11–18:17 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:17–19:11 |
| सूर्य | 19:11–20:06 |
| शुक्र | 20:06–21:00 |
| बुध | 21:00–21:54 |
| चन्द्र | 21:54–22:49 |
| शनि | 22:49–23:43 |
| गुरु | 23:43–00:37 |
| मंगल | 00:37–01:32 |
| सूर्य | 01:32–02:26 |
| शुक्र | 02:26–03:20 |
| बुध | 03:20–04:15 |
| चन्द्र | 04:15–05:09 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- विशाखा 2 पद07:53 तक
- विशाखा 3 पद13:08 तक
- विशाखा 4 पद18:23 तक
- अनुराधा 1 पद23:38 तक
- अनुराधा 2 पद04:54, 18 मई तक
- अनुराधा 3 पद10:09, 18 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- कृत्तिका 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 7m
- रात्रिमान
- 10h 52m
- मध्याह्न
- 11:43
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 13:08 तकउत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 16:49 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 16:49 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:10 –07:05
- राज पंचक07:05 –09:18
- शुभ मुहूर्त09:18 –11:32
- चोर पंचक11:32 –13:42
- शुभ मुहूर्त13:42 –15:50
- रोग पंचक15:50 –16:49
- शुभ मुहूर्त16:49 –18:02
- मृत्यु पंचक18:02 –18:23
- अग्नि पंचक18:23 –20:17
- शुभ मुहूर्त20:17 –22:22
- राज पंचक22:22 –00:11, 18 मई
- शुभ मुहूर्त00:11 –01:46, 18 मई
- चोर पंचक01:46 –03:20, 18 मई
- राज पंचक03:20 –05:02, 18 मई
- शुभ मुहूर्त05:02 –05:09, 18 मई
उदय लग्न
- वृषभ05:06 –07:05
- मिथुन07:05 –09:18
- कर्क09:18 –11:32
- सिंह11:32 –13:42
- कन्या13:42 –15:50
- तुला15:50 –18:02
- वृश्चिक18:02 –20:17
- धनु20:17 –22:22
- मकर22:22 –00:11, 18 मई
- कुम्भ00:11 –01:46, 18 मई
- मीन01:46 –03:20, 18 मई
- मेष03:20 –05:02, 18 मई
- वृषभ05:02 –07:01, 18 मई
पंचांग · भुवनेश्वर, 17 मई 2030
शुक्रवार, 17 मई 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:10 और सूर्यास्त 18:17 पर है। तिथि पूर्णिमा 16:49 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र विशाखा 18:23 तक, फिर अनुराधा; योग वरीयान् 09:54 तक, फिर परिघ; करण विष्टि 06:43 तक, फिर बव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य वृषभ राशि में। राहुकाल 10:05–11:43, अभिजित मुहूर्त 11:17–12:09। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 17 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
पूर्णिमा 16:49 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 05:10, भुवनेश्वर)।
17 मई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
विशाखा 18:23 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 13:08 तक।
भुवनेश्वर में 17 मई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:05–11:43, यमगण्ड 15:00–16:38, गुलिक काल 06:48–08:26।
भुवनेश्वर में 17 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:10, सूर्यास्त 18:17, चंद्रोदय 18:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
17 मई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:17–12:09, ब्रह्म मुहूर्त 03:42–04:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
17 मई 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
बुद्ध पूर्णिमा, पूर्णिमा।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर मई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2814° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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