पंचांग · बुधवार, 3 अप्रैल 2030भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल प्रतिपदा05:18, 4 अप्रैल तक
- शुक्ल द्वितीया07:27, 5 अप्रैल तक
- रेवतीस्वामी बुध01:22, 4 अप्रैल तक
- अश्विनीस्वामी केतु03:59, 5 अप्रैल तक
- इन्द्र19:35 तक
- वैधृति20:06, 4 अप्रैल तक
- किंस्तुघ्न16:22 तक
- बव05:18, 4 अप्रैल तक
- बालव18:20, 4 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:39बिंब मध्य 05:42
- सूर्यास्त
- 18:02बिंब मध्य 17:58
- चंद्रोदय
- 05:32
- चंद्रास्त
- 18:27
- दिनमान
- 12h 23m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मीन01:22, 4 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:06 –04:52
- प्रातः संध्या04:29 –05:39
- अभिजित मुहूर्त11:25 –12:15
- विजय मुहूर्त13:54 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त18:02 –18:25
- सायाह्न संध्या18:02 –19:11
- निशीथ मुहूर्त23:27 –00:13, 4 अप्रैल
- अमृत काल22:44 –00:29, 4 अप्रैल
- राहु काल11:50 –13:23
- यमगंड07:12 –08:44
- गुलिक काल10:17 –11:50
- दुर्मुहूर्त11:25 –12:15
- वर्ज्य12:14 –13:59
- गंड मूल05:39 –01:22, 4 अप्रैल
- गंड मूल01:22 –05:38, 4 अप्रैल
चौघड़िया
- लाभलाभ05:39 – 07:12
- अमृतश्रेष्ठ07:12 – 08:44
- कालहानि08:44 – 10:17
- शुभशुभ10:17 – 11:50
- रोगअनिष्ट11:50 – 13:23
- उद्वेगअशुभ13:23 – 14:56
- चरसम14:56 – 16:29
- लाभलाभ16:29 – 18:02
- उद्वेगअशुभ18:02 – 19:29
- शुभशुभ19:29 – 20:56
- अमृतश्रेष्ठ20:56 – 22:23
- चरसम22:23 – 23:50
- रोगअनिष्ट23:50 – 01:17
- कालहानि01:17 – 02:44
- लाभलाभ02:44 – 04:11
- उद्वेगअशुभ04:11 – 05:38
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:39–06:41 |
| चन्द्र | 06:41–07:43 |
| शनि | 07:43–08:44 |
| गुरु | 08:44–09:46 |
| मंगल | 09:46–10:48 |
| सूर्य | 10:48–11:50 |
| शुक्र | 11:50–12:52 |
| बुध | 12:52–13:54 |
| चन्द्र | 13:54–14:56 |
| शनि | 14:56–15:58 |
| गुरु | 15:58–17:00 |
| मंगल | 17:00–18:02 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:02–19:00 |
| शुक्र | 19:00–19:58 |
| बुध | 19:58–20:56 |
| चन्द्र | 20:56–21:54 |
| शनि | 21:54–22:52 |
| गुरु | 22:52–23:50 |
| मंगल | 23:50–00:48 |
| सूर्य | 00:48–01:46 |
| शुक्र | 01:46–02:44 |
| बुध | 02:44–03:42 |
| चन्द्र | 03:42–04:40 |
| शनि | 04:40–05:38 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 2 पद12:11 तक
- रेवती 3 पद18:46 तक
- रेवती 4 पद01:22, 4 अप्रैल तक
- अश्विनी 1 पद07:59, 4 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 23m
- रात्रिमान
- 11h 36m
- मध्याह्न
- 11:50
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 01:22, 4 अप्रैल तकपूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 05:18, 4 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 05:18, 4 अप्रैल तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:39 –06:16
- चोर पंचक06:16 –07:59
- शुभ मुहूर्त07:59 –09:58
- रोग पंचक09:58 –12:11
- शुभ मुहूर्त12:11 –14:25
- मृत्यु पंचक14:25 –16:35
- अग्नि पंचक16:35 –18:43
- शुभ मुहूर्त18:43 –20:55
- राज पंचक20:55 –23:10
- शुभ मुहूर्त23:10 –01:15, 4 अप्रैल
- चोर पंचक01:15 –01:22, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:22 –03:04, 4 अप्रैल
- रोग पंचक03:04 –04:39, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:39 –05:18, 4 अप्रैल
- मृत्यु पंचक05:18 –05:38, 4 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:43 –06:16
- मेष06:16 –07:59
- वृषभ07:59 –09:58
- मिथुन09:58 –12:11
- कर्क12:11 –14:25
- सिंह14:25 –16:35
- कन्या16:35 –18:43
- तुला18:43 –20:55
- वृश्चिक20:55 –23:10
- धनु23:10 –01:15, 4 अप्रैल
- मकर01:15 –03:04, 4 अप्रैल
- कुम्भ03:04 –04:39, 4 अप्रैल
- मीन04:39 –06:13, 4 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 3 अप्रैल 2030
बुधवार, 3 अप्रैल 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:39 और सूर्यास्त 18:02 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 4 अप्रैल 05:18 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र रेवती 4 अप्रैल 01:22 तक, फिर अश्विनी; योग इन्द्र 19:35 तक, फिर वैधृति; करण किंस्तुघ्न 16:22 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 11:50–13:23, अभिजित मुहूर्त 11:25–12:15। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 3 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल प्रतिपदा 4 अप्रैल 05:18 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 05:39, भुवनेश्वर)।
3 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 4 अप्रैल 01:22 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 4 अप्रैल 01:22 तक।
भुवनेश्वर में 3 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:50–13:23, यमगण्ड 07:12–08:44, गुलिक काल 10:17–11:50।
भुवनेश्वर में 3 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 18:02, चंद्रोदय 05:32 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:25–12:15, ब्रह्म मुहूर्त 04:06–04:52। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
3 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना), गुड़ी पड़वा · उगादि · हिन्दू नव वर्ष।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2797° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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