पंचांग · गुरुवार, 4 अक्टूबर 2029भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण एकादशी13:01 तक
- कृष्ण द्वादशी10:46, 5 अक्टू॰ तक
- अश्लेषास्वामी बुध14:35 तक
- मघास्वामी केतु13:00, 5 अक्टू॰ तक
- साध्य00:22, 5 अक्टू॰ तक
- शुभ21:06, 5 अक्टू॰ तक
- बालव13:01 तक
- कौलव23:59 तक
- तैतिल10:46, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:38बिंब मध्य 05:41
- सूर्यास्त
- 17:32बिंब मध्य 17:28
- चंद्रोदय
- 01:50
- चंद्रास्त
- 14:48
- दिनमान
- 11h 54m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- कर्क14:35 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:02 –04:50
- प्रातः संध्या04:26 –05:38
- अभिजित मुहूर्त11:11 –11:59
- विजय मुहूर्त13:34 –14:22
- गोधूलि मुहूर्त17:32 –17:56
- सायाह्न संध्या17:32 –18:45
- निशीथ मुहूर्त23:11 –00:00, 5 अक्टू॰
- अमृत काल13:02 –14:35
- राहु काल13:04 –14:34
- यमगंड05:38 –07:08
- गुलिक काल08:37 –10:06
- दुर्मुहूर्त09:36 –10:24
- दुर्मुहूर्त14:22 –15:09
- वर्ज्य01:47 –03:17, 5 अक्टू॰
- गंड मूल05:38 –14:35
- गंड मूल14:35 –05:39, 5 अक्टू॰
चौघड़िया
- शुभशुभ05:38 – 07:08
- रोगअनिष्ट07:08 – 08:37
- उद्वेगअशुभ08:37 – 10:06
- चरसम10:06 – 11:35
- लाभलाभ11:35 – 13:04
- अमृतश्रेष्ठ13:04 – 14:34
- कालहानि14:34 – 16:03
- शुभशुभ16:03 – 17:32
- अमृतश्रेष्ठ17:32 – 19:03
- चरसम19:03 – 20:34
- रोगअनिष्ट20:34 – 22:05
- कालहानि22:05 – 23:35
- लाभलाभ23:35 – 01:06
- उद्वेगअशुभ01:06 – 02:37
- शुभशुभ02:37 – 04:08
- अमृतश्रेष्ठ04:08 – 05:39
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:38–06:38 |
| मंगल | 06:38–07:37 |
| सूर्य | 07:37–08:37 |
| शुक्र | 08:37–09:36 |
| बुध | 09:36–10:36 |
| चन्द्र | 10:36–11:35 |
| शनि | 11:35–12:35 |
| गुरु | 12:35–13:34 |
| मंगल | 13:34–14:34 |
| सूर्य | 14:34–15:33 |
| शुक्र | 15:33–16:33 |
| बुध | 16:33–17:32 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:32–18:33 |
| शनि | 18:33–19:33 |
| गुरु | 19:33–20:34 |
| मंगल | 20:34–21:34 |
| सूर्य | 21:34–22:35 |
| शुक्र | 22:35–23:35 |
| बुध | 23:35–00:36 |
| चन्द्र | 00:36–01:36 |
| शनि | 01:36–02:37 |
| गुरु | 02:37–03:38 |
| मंगल | 03:38–04:38 |
| सूर्य | 04:38–05:39 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 3 पद08:51 तक
- अश्लेषा 4 पद14:35 तक
- मघा 1 पद20:15 तक
- मघा 2 पद01:52, 5 अक्टू॰ तक
- मघा 3 पद07:27, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 54m
- रात्रिमान
- 12h 7m
- मध्याह्न
- 11:35
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर · 14:35 तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 13:01 तकआकाश
- शिववास
- कैलाश पर · 13:01 तकनंदी पर
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:38 –06:38
- अग्नि पंचक06:38 –08:50
- शुभ मुहूर्त08:50 –11:05
- राज पंचक11:05 –13:01
- शुभ मुहूर्त13:01 –13:11
- चोर पंचक13:11 –14:35
- शुभ मुहूर्त14:35 –14:59
- रोग पंचक14:59 –16:35
- शुभ मुहूर्त16:35 –19:51
- रोग पंचक19:51 –21:50
- शुभ मुहूर्त21:50 –00:03, 5 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक00:03 –02:17, 5 अक्टू॰
- अग्नि पंचक02:17 –04:26, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:26 –05:39, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:30 –06:38
- तुला06:38 –08:50
- वृश्चिक08:50 –11:05
- धनु11:05 –13:11
- मकर13:11 –14:59
- कुम्भ14:59 –16:35
- मीन16:35 –18:08
- मेष18:08 –19:51
- वृषभ19:51 –21:50
- मिथुन21:50 –00:03, 5 अक्टू॰
- कर्क00:03 –02:17, 5 अक्टू॰
- सिंह02:17 –04:26, 5 अक्टू॰
- कन्या04:26 –06:34, 5 अक्टू॰
पंचांग · भुवनेश्वर, 4 अक्टूबर 2029
गुरुवार, 4 अक्टूबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 17:32 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 13:01 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र अश्लेषा 14:35 तक, फिर मघा; योग साध्य 5 अक्टूबर 00:22 तक, फिर शुभ; करण बालव 13:01 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:04–14:34, अभिजित मुहूर्त 11:11–11:59। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 4 अक्टूबर 2029 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण एकादशी 13:01 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 05:38, भुवनेश्वर)।
4 अक्टूबर 2029 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 14:35 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 14:35 तक।
भुवनेश्वर में 4 अक्टूबर 2029 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:04–14:34, यमगण्ड 05:38–07:08, गुलिक काल 08:37–10:06।
भुवनेश्वर में 4 अक्टूबर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:32, चंद्रोदय 01:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2029 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:11–11:59, ब्रह्म मुहूर्त 04:02–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अक्टूबर 2029 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
इंदिरा एकादशी।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2029आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2029मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2728° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP