पंचांग · शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया04:21, 24 अप्रैल तक
- कृष्ण चतुर्थी05:42, 25 अप्रैल तक
- विशाखास्वामी गुरु05:32 तक
- अनुराधास्वामी शनि06:56, 24 अप्रैल तक
- व्यतीपात14:12 तक
- वरीयान्13:57, 24 अप्रैल तक
- वणिज15:54 तक
- विष्टि04:21, 24 अप्रैल तक
- बव16:57, 24 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:23बिंब मध्य 05:26
- सूर्यास्त
- 18:08बिंब मध्य 18:03
- चंद्रोदय
- 20:33
- चंद्रास्त
- 06:42
- दिनमान
- 12h 45m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- वृश्चिक08:57, 25 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:53 –04:38
- प्रातः संध्या04:15 –05:23
- अभिजित मुहूर्त11:20 –12:11
- विजय मुहूर्त13:53 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त18:08 –18:30
- सायाह्न संध्या18:08 –19:15
- निशीथ मुहूर्त23:22 –00:07, 24 अप्रैल
- अमृत काल19:56 –21:37
- राहु काल10:10 –11:45
- यमगंड14:56 –16:32
- गुलिक काल06:58 –08:34
- दुर्मुहूर्त07:56 –08:47
- दुर्मुहूर्त12:11 –13:02
- वर्ज्य09:46 –11:28
- भद्रा15:54 –04:21, 24 अप्रैल
चौघड़िया
- चरसम05:23 – 06:58
- लाभलाभ06:58 – 08:34
- अमृतश्रेष्ठ08:34 – 10:10
- कालहानि10:10 – 11:45
- शुभशुभ11:45 – 13:21
- रोगअनिष्ट13:21 – 14:56
- उद्वेगअशुभ14:56 – 16:32
- चरसम16:32 – 18:08
- रोगअनिष्ट18:08 – 19:32
- कालहानि19:32 – 20:56
- लाभलाभ20:56 – 22:21
- उद्वेगअशुभ22:21 – 23:45
- शुभशुभ23:45 – 01:09
- अमृतश्रेष्ठ01:09 – 02:34
- चरसम02:34 – 03:58
- रोगअनिष्ट03:58 – 05:22
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:23–06:27 |
| बुध | 06:27–07:30 |
| चन्द्र | 07:30–08:34 |
| शनि | 08:34–09:38 |
| गुरु | 09:38–10:42 |
| मंगल | 10:42–11:45 |
| सूर्य | 11:45–12:49 |
| शुक्र | 12:49–13:53 |
| बुध | 13:53–14:56 |
| चन्द्र | 14:56–16:00 |
| शनि | 16:00–17:04 |
| गुरु | 17:04–18:08 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:08–19:04 |
| सूर्य | 19:04–20:00 |
| शुक्र | 20:00–20:56 |
| बुध | 20:56–21:52 |
| चन्द्र | 21:52–22:49 |
| शनि | 22:49–23:45 |
| गुरु | 23:45–00:41 |
| मंगल | 00:41–01:37 |
| सूर्य | 01:37–02:34 |
| शुक्र | 02:34–03:30 |
| बुध | 03:30–04:26 |
| चन्द्र | 04:26–05:22 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- विशाखा 4 पद05:32 तक
- अनुराधा 1 पद11:50 तक
- अनुराधा 2 पद18:10 तक
- अनुराधा 3 पद00:32, 24 अप्रैल तक
- अनुराधा 4 पद06:56, 24 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 45m
- रात्रिमान
- 11h 14m
- मध्याह्न
- 11:45
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 04:21, 24 अप्रैल तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 04:21, 24 अप्रैल तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:23 –05:32
- चोर पंचक05:32 –06:41
- शुभ मुहूर्त06:41 –08:41
- रोग पंचक08:41 –10:54
- शुभ मुहूर्त10:54 –13:08
- मृत्यु पंचक13:08 –15:17
- अग्नि पंचक15:17 –17:25
- शुभ मुहूर्त17:25 –19:37
- राज पंचक19:37 –21:52
- शुभ मुहूर्त21:52 –23:58
- चोर पंचक23:58 –01:46, 24 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:46 –03:22, 24 अप्रैल
- रोग पंचक03:22 –04:21, 24 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:21 –05:22, 24 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष04:59 –06:41
- वृषभ06:41 –08:41
- मिथुन08:41 –10:54
- कर्क10:54 –13:08
- सिंह13:08 –15:17
- कन्या15:17 –17:25
- तुला17:25 –19:37
- वृश्चिक19:37 –21:52
- धनु21:52 –23:58
- मकर23:58 –01:46, 24 अप्रैल
- कुम्भ01:46 –03:22, 24 अप्रैल
- मीन03:22 –04:55, 24 अप्रैल
- मेष04:55 –06:37, 24 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 23 अप्रैल 2027
शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:23 और सूर्यास्त 18:08 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 24 अप्रैल 04:21 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 05:32 तक, फिर अनुराधा; योग व्यतीपात 14:12 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 15:54 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:10–11:45, अभिजित मुहूर्त 11:20–12:11। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 23 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 24 अप्रैल 04:21 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:23, भुवनेश्वर)।
23 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
विशाखा 05:32 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 25 अप्रैल 08:57 तक।
भुवनेश्वर में 23 अप्रैल 2027 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:10–11:45, यमगण्ड 14:56–16:32, गुलिक काल 06:58–08:34।
भुवनेश्वर में 23 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:23, सूर्यास्त 18:08, चंद्रोदय 20:33 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
23 अप्रैल 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:20–12:11, ब्रह्म मुहूर्त 03:53–04:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2385° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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