पंचांग · शनिवार, 1 अप्रैल 2023भुवनेश्वर

चैत्र · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2080कामदा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:41सूर्योदय18:01सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 04:20, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
अश्लेषा
04:48, 2 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4118:01
शनिवार · शनि
राहु काल
08:46 –10:18
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:41दिन18:01
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
भद्रा
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:01रात05:40
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
भद्रा
गंड मूल
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    04:20, 2 अप्रैल तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    06:24, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    04:48, 2 अप्रैल तक
  2. मघास्वामी केतु
    07:24, 3 अप्रैल तक
योग
  1. धृति
    02:44, 2 अप्रैल तक
  2. शूल
    03:21, 3 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    15:11 तक
  2. विष्टि
    04:20, 2 अप्रैल तक
  3. बव
    17:25, 2 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:41
बिंब मध्य 05:44
सूर्यास्त
18:01
बिंब मध्य 17:57
चंद्रोदय
14:00
चंद्रास्त
02:46
दिनमान
12h 20m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
कर्क
04:48, 2 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2080
शक संवत
1945

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:54
  • प्रातः संध्या04:31 –05:41
  • अभिजित मुहूर्त11:26 –12:16
  • विजय मुहूर्त13:54 –14:44
  • गोधूलि मुहूर्त18:01 –18:24
  • सायाह्न संध्या18:01 –19:11
  • निशीथ मुहूर्त23:27 –00:14, 2 अप्रैल
  • अमृत काल03:01 –04:48, 2 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:46 –10:18
  • यमगंड13:23 –14:56
  • गुलिक काल05:41 –07:13
  • दुर्मुहूर्त05:41 –06:30
  • दुर्मुहूर्त06:30 –07:19
  • वर्ज्य16:16 –18:04
  • गंड मूल05:41 –04:48, 2 अप्रैल
  • गंड मूल04:48 –05:40, 2 अप्रैल
  • भद्रा15:11 –04:20, 2 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:41 – 07:13
  • शुभशुभ07:13 – 08:46
  • रोगअनिष्ट08:46 – 10:18
  • उद्वेगअशुभ10:18 – 11:51
  • चरसम11:51 – 13:23
  • लाभलाभ13:23 – 14:56
  • अमृतश्रेष्ठ14:56 – 16:28
  • कालहानि16:28 – 18:01
रात
  • लाभलाभ18:01 – 19:28
  • उद्वेगअशुभ19:28 – 20:56
  • शुभशुभ20:56 – 22:23
  • अमृतश्रेष्ठ22:23 – 23:50
  • चरसम23:50 – 01:18
  • रोगअनिष्ट01:18 – 02:45
  • कालहानि02:45 – 04:12
  • लाभलाभ04:12 – 05:40

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:41–06:42
गुरु06:42–07:44
मंगल07:44–08:46
सूर्य08:46–09:47
शुक्र09:47–10:49
बुध10:49–11:51
चन्द्र11:51–12:53
शनि12:53–13:54
गुरु13:54–14:56
मंगल14:56–15:58
सूर्य15:58–16:59
शुक्र16:59–18:01
रात
ग्रहसमय
बुध18:01–18:59
चन्द्र18:59–19:57
शनि19:57–20:56
गुरु20:56–21:54
मंगल21:54–22:52
सूर्य22:52–23:50
शुक्र23:50–00:49
बुध00:49–01:47
चन्द्र01:47–02:45
शनि02:45–03:43
गुरु03:43–04:42
मंगल04:42–05:40

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 1 पद08:41 तक
  • अश्लेषा 2 पद15:24 तक
  • अश्लेषा 3 पद22:07 तक
  • अश्लेषा 4 पद04:48, 2 अप्रैल तक
  • मघा 1 पद11:29, 2 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 20m
रात्रिमान
11h 39m
मध्याह्न
11:51

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 04:48, 2 अप्रैल तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 04:48, 2 अप्रैल तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
उत्तर · 04:48, 2 अप्रैल तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:20, 2 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 04:20, 2 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:41 –06:25
  • मृत्यु पंचक06:25 –08:08
  • अग्नि पंचक08:08 –10:07
  • शुभ मुहूर्त10:07 –12:20
  • राज पंचक12:20 –14:34
  • शुभ मुहूर्त14:34 –16:43
  • चोर पंचक16:43 –18:51
  • शुभ मुहूर्त18:51 –21:03
  • रोग पंचक21:03 –23:18
  • शुभ मुहूर्त23:18 –01:24, 2 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:24 –03:13, 2 अप्रैल
  • अग्नि पंचक03:13 –04:20, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:20 –04:48, 2 अप्रैल
  • राज पंचक04:48 –04:48, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:48 –05:40, 2 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:52 –06:25
  • मेष06:25 –08:08
  • वृषभ08:08 –10:07
  • मिथुन10:07 –12:20
  • कर्क12:20 –14:34
  • सिंह14:34 –16:43
  • कन्या16:43 –18:51
  • तुला18:51 –21:03
  • वृश्चिक21:03 –23:18
  • धनु23:18 –01:24, 2 अप्रैल
  • मकर01:24 –03:13, 2 अप्रैल
  • कुम्भ03:13 –04:48, 2 अप्रैल
  • मीन04:48 –06:21, 2 अप्रैल

पंचांग · भुवनेश्वर, 1 अप्रैल 2023

शनिवार, 1 अप्रैल 2023 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:41 और सूर्यास्त 18:01 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 2 अप्रैल 04:20 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र अश्लेषा 2 अप्रैल 04:48 तक, फिर मघा; योग धृति 2 अप्रैल 02:44 तक, फिर शूल; करण वणिज 15:11 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 08:46–10:18, अभिजित मुहूर्त 11:26–12:16। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 1 अप्रैल 2023 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 2 अप्रैल 04:20 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 05:41, भुवनेश्वर)।

1 अप्रैल 2023 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 2 अप्रैल 04:48 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 2 अप्रैल 04:48 तक।

भुवनेश्वर में 1 अप्रैल 2023 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:46–10:18, यमगण्ड 13:23–14:56, गुलिक काल 05:41–07:13।

भुवनेश्वर में 1 अप्रैल 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:01, चंद्रोदय 14:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 अप्रैल 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:26–12:16, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:54। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

1 अप्रैल 2023 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

कामदा एकादशी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1818° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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