पंचांग · शुक्रवार, 31 मार्च 2023भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल दशमी01:59, 1 अप्रैल तक
- शुक्ल एकादशी04:20, 2 अप्रैल तक
- पुष्यस्वामी शनि01:57, 1 अप्रैल तक
- अश्लेषास्वामी बुध04:48, 2 अप्रैल तक
- सुकर्मा01:56, 1 अप्रैल तक
- धृति02:44, 2 अप्रैल तक
- तैतिल12:45 तक
- गर01:59, 1 अप्रैल तक
- वणिज15:11, 1 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:42बिंब मध्य 05:45
- सूर्यास्त
- 18:01बिंब मध्य 17:57
- चंद्रोदय
- 13:07
- चंद्रास्त
- 02:04
- दिनमान
- 12h 19m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- कर्क04:48, 2 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:08 –04:55
- प्रातः संध्या04:31 –05:42
- अभिजित मुहूर्त11:27 –12:16
- विजय मुहूर्त13:54 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त18:01 –18:24
- सायाह्न संध्या18:01 –19:11
- निशीथ मुहूर्त23:27 –00:14, 1 अप्रैल
- अमृत काल18:46 –20:33
- राहु काल10:19 –11:51
- यमगंड14:56 –16:28
- गुलिक काल07:14 –08:46
- दुर्मुहूर्त08:09 –08:59
- दुर्मुहूर्त12:16 –13:05
- वर्ज्य07:59 –09:46
- गंड मूल01:57 –05:41, 1 अप्रैल
चौघड़िया
- चरसम05:42 – 07:14
- लाभलाभ07:14 – 08:46
- अमृतश्रेष्ठ08:46 – 10:19
- कालहानि10:19 – 11:51
- शुभशुभ11:51 – 13:24
- रोगअनिष्ट13:24 – 14:56
- उद्वेगअशुभ14:56 – 16:28
- चरसम16:28 – 18:01
- रोगअनिष्ट18:01 – 19:28
- कालहानि19:28 – 20:56
- लाभलाभ20:56 – 22:23
- उद्वेगअशुभ22:23 – 23:51
- शुभशुभ23:51 – 01:18
- अमृतश्रेष्ठ01:18 – 02:46
- चरसम02:46 – 04:13
- रोगअनिष्ट04:13 – 05:41
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:42–06:43 |
| बुध | 06:43–07:45 |
| चन्द्र | 07:45–08:46 |
| शनि | 08:46–09:48 |
| गुरु | 09:48–10:50 |
| मंगल | 10:50–11:51 |
| सूर्य | 11:51–12:53 |
| शुक्र | 12:53–13:54 |
| बुध | 13:54–14:56 |
| चन्द्र | 14:56–15:58 |
| शनि | 15:58–16:59 |
| गुरु | 16:59–18:01 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:01–18:59 |
| सूर्य | 18:59–19:57 |
| शुक्र | 19:57–20:56 |
| बुध | 20:56–21:54 |
| चन्द्र | 21:54–22:52 |
| शनि | 22:52–23:51 |
| गुरु | 23:51–00:49 |
| मंगल | 00:49–01:47 |
| सूर्य | 01:47–02:46 |
| शुक्र | 02:46–03:44 |
| बुध | 03:44–04:42 |
| चन्द्र | 04:42–05:41 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुष्य 1 पद05:44 तक
- पुष्य 2 पद12:28 तक
- पुष्य 3 पद19:13 तक
- पुष्य 4 पद01:57, 1 अप्रैल तक
- अश्लेषा 1 पद08:41, 1 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपद 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 19m
- रात्रिमान
- 11h 40m
- मध्याह्न
- 11:51
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 01:59, 1 अप्रैल तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 01:59, 1 अप्रैल तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:42 –08:12
- रोग पंचक08:12 –10:11
- शुभ मुहूर्त10:11 –12:24
- मृत्यु पंचक12:24 –14:38
- अग्नि पंचक14:38 –16:47
- शुभ मुहूर्त16:47 –18:55
- राज पंचक18:55 –21:07
- शुभ मुहूर्त21:07 –23:22
- चोर पंचक23:22 –01:28, 1 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:28 –01:57, 1 अप्रैल
- रोग पंचक01:57 –01:59, 1 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:59 –03:16, 1 अप्रैल
- मृत्यु पंचक03:16 –04:52, 1 अप्रैल
- अग्नि पंचक04:52 –05:41, 1 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:56 –06:29
- मेष06:29 –08:12
- वृषभ08:12 –10:11
- मिथुन10:11 –12:24
- कर्क12:24 –14:38
- सिंह14:38 –16:47
- कन्या16:47 –18:55
- तुला18:55 –21:07
- वृश्चिक21:07 –23:22
- धनु23:22 –01:28, 1 अप्रैल
- मकर01:28 –03:16, 1 अप्रैल
- कुम्भ03:16 –04:52, 1 अप्रैल
- मीन04:52 –06:25, 1 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 31 मार्च 2023
शुक्रवार, 31 मार्च 2023 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:42 और सूर्यास्त 18:01 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 1 अप्रैल 01:59 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र पुष्य 1 अप्रैल 01:57 तक, फिर अश्लेषा; योग सुकर्मा 1 अप्रैल 01:56 तक, फिर धृति; करण तैतिल 12:45 तक, फिर गर। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:19–11:51, अभिजित मुहूर्त 11:27–12:16। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 31 मार्च 2023 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल दशमी 1 अप्रैल 01:59 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 05:42, भुवनेश्वर)।
31 मार्च 2023 को कौन सा नक्षत्र है?
पुष्य 1 अप्रैल 01:57 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 2 अप्रैल 04:48 तक।
भुवनेश्वर में 31 मार्च 2023 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:19–11:51, यमगण्ड 14:56–16:28, गुलिक काल 07:14–08:46।
भुवनेश्वर में 31 मार्च 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:01, चंद्रोदय 13:07 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 मार्च 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:27–12:16, ब्रह्म मुहूर्त 04:08–04:55। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर मार्च 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1818° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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