पंचांग · शुक्रवार, 4 नवंबर 2022भुवनेश्वर

कार्तिक · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2079देवउठनी एकादशीप्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:50सूर्योदय17:11सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 18:08 तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
00:12, 5 नव॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5017:11
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:05 –11:30
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:50दिन17:11
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
भद्रा
वर्ज्य
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:11रात05:50
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    18:08 तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    17:07, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    00:12, 5 नव॰ तक
  2. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    23:56, 5 नव॰ तक
योग
  1. व्याघात
    03:15, 5 नव॰ तक
  2. हर्षण
    01:23, 6 नव॰ तक
करण
  1. वणिज
    06:47 तक
  2. विष्टि
    18:08 तक
  3. बव
    05:35, 5 नव॰ तक
  4. बालव
    17:07, 5 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:50
बिंब मध्य 05:53
सूर्यास्त
17:11
बिंब मध्य 17:06
चंद्रोदय
14:40
चंद्रास्त
01:49
दिनमान
11h 21m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
कुम्भ
18:19 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:09 –04:59
  • प्रातः संध्या04:34 –05:50
  • अभिजित मुहूर्त11:07 –11:53
  • विजय मुहूर्त13:24 –14:09
  • गोधूलि मुहूर्त17:11 –17:36
  • सायाह्न संध्या17:11 –18:27
  • निशीथ मुहूर्त23:05 –23:56
  • अमृत काल16:24 –17:58
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:05 –11:30
  • यमगंड14:20 –15:45
  • गुलिक काल07:15 –08:40
  • दुर्मुहूर्त08:06 –08:51
  • दुर्मुहूर्त11:53 –12:38
  • वर्ज्य07:03 –08:36
  • भद्रा06:47 –18:08

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:50 – 07:15
  • लाभलाभ07:15 – 08:40
  • अमृतश्रेष्ठ08:40 – 10:05
  • कालहानि10:05 – 11:30
  • शुभशुभ11:30 – 12:55
  • रोगअनिष्ट12:55 – 14:20
  • उद्वेगअशुभ14:20 – 15:45
  • चरसम15:45 – 17:11
रात
  • रोगअनिष्ट17:11 – 18:46
  • कालहानि18:46 – 20:20
  • लाभलाभ20:20 – 21:55
  • उद्वेगअशुभ21:55 – 23:30
  • शुभशुभ23:30 – 01:05
  • अमृतश्रेष्ठ01:05 – 02:40
  • चरसम02:40 – 04:15
  • रोगअनिष्ट04:15 – 05:50

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:50–06:46
बुध06:46–07:43
चन्द्र07:43–08:40
शनि08:40–09:37
गुरु09:37–10:33
मंगल10:33–11:30
सूर्य11:30–12:27
शुक्र12:27–13:24
बुध13:24–14:20
चन्द्र14:20–15:17
शनि15:17–16:14
गुरु16:14–17:11
रात
ग्रहसमय
मंगल17:11–18:14
सूर्य18:14–19:17
शुक्र19:17–20:20
बुध20:20–21:24
चन्द्र21:24–22:27
शनि22:27–23:30
गुरु23:30–00:34
मंगल00:34–01:37
सूर्य01:37–02:40
शुक्र02:40–03:44
बुध03:44–04:47
चन्द्र04:47–05:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वभाद्रपद 1 पद06:38 तक
  • पूर्वभाद्रपद 2 पद12:28 तक
  • पूर्वभाद्रपद 3 पद18:19 तक
  • पूर्वभाद्रपद 4 पद00:12, 5 नव॰ तक
  • उत्तरभाद्रपद 1 पद06:06, 5 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 21m
रात्रिमान
12h 39m
मध्याह्न
11:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कुम्भ · 18:19 तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वभाद्रपद · 00:12, 5 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
उत्तरभाद्रपद · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 18:19 तकउत्तर
अग्निवास
पाताल · 18:08 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 18:08 तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक05:50 –06:49
  • शुभ मुहूर्त06:49 –09:04
  • चोर पंचक09:04 –11:10
  • शुभ मुहूर्त11:10 –12:58
  • रोग पंचक12:58 –14:34
  • शुभ मुहूर्त14:34 –17:50
  • रोग पंचक17:50 –18:08
  • शुभ मुहूर्त18:08 –19:49
  • मृत्यु पंचक19:49 –22:02
  • अग्नि पंचक22:02 –00:12, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:12 –00:16, 5 नव॰
  • राज पंचक00:16 –02:25, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:25 –04:33, 5 नव॰
  • चोर पंचक04:33 –05:50, 5 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:37 –06:49
  • वृश्चिक06:49 –09:04
  • धनु09:04 –11:10
  • मकर11:10 –12:58
  • कुम्भ12:58 –14:34
  • मीन14:34 –16:07
  • मेष16:07 –17:50
  • वृषभ17:50 –19:49
  • मिथुन19:49 –22:02
  • कर्क22:02 –00:16, 5 नव॰
  • सिंह00:16 –02:25, 5 नव॰
  • कन्या02:25 –04:33, 5 नव॰
  • तुला04:33 –06:45, 5 नव॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 4 नवंबर 2022

शुक्रवार, 4 नवंबर 2022 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 17:11 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 18:08 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 5 नवंबर 00:12 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग व्याघात 5 नवंबर 03:15 तक, फिर हर्षण; करण वणिज 06:47 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:05–11:30, अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2022 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 18:08 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 05:50, भुवनेश्वर)।

4 नवंबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वभाद्रपद 5 नवंबर 00:12 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 18:19 तक।

भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:05–11:30, यमगण्ड 14:20–15:45, गुलिक काल 07:15–08:40।

भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:11, चंद्रोदय 14:40 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 नवंबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:09–04:59। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 नवंबर 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

देवउठनी एकादशी, प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1762° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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