पंचांग · सोमवार, 31 अक्टूबर 2022भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल सप्तमी01:11, 1 नव॰ तक
- शुक्ल अष्टमी23:04, 1 नव॰ तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य04:15, 1 नव॰ तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र02:53, 2 नव॰ तक
- धृति16:12 तक
- शूल13:15, 1 नव॰ तक
- गर14:19 तक
- वणिज01:11, 1 नव॰ तक
- विष्टि12:07, 1 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:48बिंब मध्य 05:51
- सूर्यास्त
- 17:13बिंब मध्य 17:08
- चंद्रोदय
- 11:39
- चंद्रास्त
- 22:43
- दिनमान
- 11h 25m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- धनु11:24 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2079
- शक संवत
- 1944
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:58
- प्रातः संध्या04:32 –05:48
- अभिजित मुहूर्त11:07 –11:53
- विजय मुहूर्त13:24 –14:10
- गोधूलि मुहूर्त17:13 –17:38
- सायाह्न संध्या17:13 –18:28
- निशीथ मुहूर्त23:05 –23:56
- अमृत काल22:16 –23:46
- राहु काल07:13 –08:39
- यमगंड10:05 –11:30
- गुलिक काल12:56 –14:21
- दुर्मुहूर्त11:53 –12:39
- दुर्मुहूर्त14:10 –14:56
- वर्ज्य13:17 –14:47
- भद्रा01:11 –05:48, 1 नव॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:48 – 07:13
- कालहानि07:13 – 08:39
- शुभशुभ08:39 – 10:05
- रोगअनिष्ट10:05 – 11:30
- उद्वेगअशुभ11:30 – 12:56
- चरसम12:56 – 14:21
- लाभलाभ14:21 – 15:47
- अमृतश्रेष्ठ15:47 – 17:13
- चरसम17:13 – 18:47
- रोगअनिष्ट18:47 – 20:22
- कालहानि20:22 – 21:56
- लाभलाभ21:56 – 23:30
- उद्वेगअशुभ23:30 – 01:05
- शुभशुभ01:05 – 02:39
- अमृतश्रेष्ठ02:39 – 04:14
- चरसम04:14 – 05:48
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:48–06:45 |
| शनि | 06:45–07:42 |
| गुरु | 07:42–08:39 |
| मंगल | 08:39–09:36 |
| सूर्य | 09:36–10:33 |
| शुक्र | 10:33–11:30 |
| बुध | 11:30–12:27 |
| चन्द्र | 12:27–13:24 |
| शनि | 13:24–14:21 |
| गुरु | 14:21–15:18 |
| मंगल | 15:18–16:16 |
| सूर्य | 16:16–17:13 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:13–18:16 |
| बुध | 18:16–19:19 |
| चन्द्र | 19:19–20:22 |
| शनि | 20:22–21:24 |
| गुरु | 21:24–22:27 |
| मंगल | 22:27–23:30 |
| सूर्य | 23:30–00:33 |
| शुक्र | 00:33–01:36 |
| बुध | 01:36–02:39 |
| चन्द्र | 02:39–03:42 |
| शनि | 03:42–04:45 |
| गुरु | 04:45–05:48 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 1 पद11:24 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद17:00 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद22:38 तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद04:15, 1 नव॰ तक
- श्रवण 1 पद09:54, 1 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 25m
- रात्रिमान
- 12h 35m
- मध्याह्न
- 11:30
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 11:24 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 01:11, 1 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 01:11, 1 नव॰ तकश्मशान में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:48 –07:05
- अग्नि पंचक07:05 –09:20
- शुभ मुहूर्त09:20 –11:26
- राज पंचक11:26 –13:14
- शुभ मुहूर्त13:14 –14:50
- चोर पंचक14:50 –16:23
- राज पंचक16:23 –18:05
- शुभ मुहूर्त18:05 –20:05
- चोर पंचक20:05 –22:17
- शुभ मुहूर्त22:17 –00:32, 1 नव॰
- रोग पंचक00:32 –01:11, 1 नव॰
- शुभ मुहूर्त01:11 –02:41, 1 नव॰
- मृत्यु पंचक02:41 –04:15, 1 नव॰
- अग्नि पंचक04:15 –04:49, 1 नव॰
- शुभ मुहूर्त04:49 –05:48, 1 नव॰
उदय लग्न
- तुला04:53 –07:05
- वृश्चिक07:05 –09:20
- धनु09:20 –11:26
- मकर11:26 –13:14
- कुम्भ13:14 –14:50
- मीन14:50 –16:23
- मेष16:23 –18:05
- वृषभ18:05 –20:05
- मिथुन20:05 –22:17
- कर्क22:17 –00:32, 1 नव॰
- सिंह00:32 –02:41, 1 नव॰
- कन्या02:41 –04:49, 1 नव॰
- तुला04:49 –07:01, 1 नव॰
पंचांग · भुवनेश्वर, 31 अक्टूबर 2022
सोमवार, 31 अक्टूबर 2022 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:48 और सूर्यास्त 17:13 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 1 नवंबर 01:11 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 1 नवंबर 04:15 तक, फिर श्रवण; योग धृति 16:12 तक, फिर शूल; करण गर 14:19 तक, फिर वणिज। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:13–08:39, अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 31 अक्टूबर 2022 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल सप्तमी 1 नवंबर 01:11 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 05:48, भुवनेश्वर)।
31 अक्टूबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 1 नवंबर 04:15 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा धनु राशि में 11:24 तक।
भुवनेश्वर में 31 अक्टूबर 2022 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:13–08:39, यमगण्ड 10:05–11:30, गुलिक काल 12:56–14:21।
भुवनेश्वर में 31 अक्टूबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 17:13, चंद्रोदय 11:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 अक्टूबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:58। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1760° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
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