पंचांग · शनिवार, 4 मई 2030भोपाल
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया00:50, 5 मई तक
- शुक्ल तृतीया03:27, 6 मई तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य16:30 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र19:39, 5 मई तक
- शोभन05:30, 5 मई तक
- अतिगण्ड06:34, 6 मई तक
- बालव11:31 तक
- कौलव00:50, 5 मई तक
- तैतिल14:09, 5 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:45बिंब मध्य 05:49
- सूर्यास्त
- 18:49बिंब मध्य 18:45
- चंद्रोदय
- 06:41
- चंद्रास्त
- 20:27
- दिनमान
- 13h 4m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- वृषभ09:12, 6 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:18 –05:01
- प्रातः संध्या04:40 –05:45
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:43
- विजय मुहूर्त14:28 –15:20
- गोधूलि मुहूर्त18:49 –19:11
- सायाह्न संध्या18:49 –19:55
- निशीथ मुहूर्त23:55 –00:39, 5 मई
- अमृत काल13:47 –15:35
- राहु काल09:01 –10:39
- यमगंड13:55 –15:33
- गुलिक काल05:45 –07:23
- दुर्मुहूर्त05:45 –06:37
- दुर्मुहूर्त06:37 –07:30
चौघड़िया
- कालहानि05:45 – 07:23
- शुभशुभ07:23 – 09:01
- रोगअनिष्ट09:01 – 10:39
- उद्वेगअशुभ10:39 – 12:17
- चरसम12:17 – 13:55
- लाभलाभ13:55 – 15:33
- अमृतश्रेष्ठ15:33 – 17:11
- कालहानि17:11 – 18:49
- लाभलाभ18:49 – 20:11
- उद्वेगअशुभ20:11 – 21:33
- शुभशुभ21:33 – 22:55
- अमृतश्रेष्ठ22:55 – 00:17
- चरसम00:17 – 01:39
- रोगअनिष्ट01:39 – 03:01
- कालहानि03:01 – 04:23
- लाभलाभ04:23 – 05:45
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 05:45–06:51 |
| गुरु | 06:51–07:56 |
| मंगल | 07:56–09:01 |
| सूर्य | 09:01–10:07 |
| शुक्र | 10:07–11:12 |
| बुध | 11:12–12:17 |
| चन्द्र | 12:17–13:23 |
| शनि | 13:23–14:28 |
| गुरु | 14:28–15:33 |
| मंगल | 15:33–16:39 |
| सूर्य | 16:39–17:44 |
| शुक्र | 17:44–18:49 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:49–19:44 |
| चन्द्र | 19:44–20:39 |
| शनि | 20:39–21:33 |
| गुरु | 21:33–22:28 |
| मंगल | 22:28–23:22 |
| सूर्य | 23:22–00:17 |
| शुक्र | 00:17–01:12 |
| बुध | 01:12–02:06 |
| चन्द्र | 02:06–03:01 |
| शनि | 03:01–03:55 |
| गुरु | 03:55–04:50 |
| मंगल | 04:50–05:45 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 3 पद09:42 तक
- कृत्तिका 4 पद16:30 तक
- रोहिणी 1 पद23:17 तक
- रोहिणी 2 पद06:05, 5 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 4m
- रात्रिमान
- 10h 56m
- मध्याह्न
- 12:17
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 00:50, 5 मई तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 00:50, 5 मई तकसभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक05:45 –06:26
- शुभ मुहूर्त06:26 –08:24
- चोर पंचक08:24 –10:38
- शुभ मुहूर्त10:38 –12:54
- रोग पंचक12:54 –15:06
- शुभ मुहूर्त15:06 –16:30
- मृत्यु पंचक16:30 –17:17
- अग्नि पंचक17:17 –19:31
- शुभ मुहूर्त19:31 –21:47
- राज पंचक21:47 –23:52
- शुभ मुहूर्त23:52 –00:50, 5 मई
- चोर पंचक00:50 –01:39, 5 मई
- शुभ मुहूर्त01:39 –03:11, 5 मई
- रोग पंचक03:11 –04:42, 5 मई
- चोर पंचक04:42 –05:45, 5 मई
उदय लग्न
- मेष04:46 –06:26
- वृषभ06:26 –08:24
- मिथुन08:24 –10:38
- कर्क10:38 –12:54
- सिंह12:54 –15:06
- कन्या15:06 –17:17
- तुला17:17 –19:31
- वृश्चिक19:31 –21:47
- धनु21:47 –23:52
- मकर23:52 –01:39, 5 मई
- कुम्भ01:39 –03:11, 5 मई
- मीन03:11 –04:42, 5 मई
- मेष04:42 –06:22, 5 मई
पंचांग · भोपाल, 4 मई 2030
शनिवार, 4 मई 2030 को भोपाल में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 18:49 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 5 मई 00:50 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र कृत्तिका 16:30 तक, फिर रोहिणी; योग शोभन 5 मई 05:30 तक, फिर अतिगण्ड; करण बालव 11:31 तक, फिर कौलव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:01–10:39, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:43। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भोपाल में 4 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 5 मई 00:50 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:45, भोपाल)।
4 मई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 16:30 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 6 मई 09:12 तक।
भोपाल में 4 मई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:01–10:39, यमगण्ड 13:55–15:33, गुलिक काल 05:45–07:23।
भोपाल में 4 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:49, चंद्रोदय 06:41 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:43, ब्रह्म मुहूर्त 04:18–05:01। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भोपाल हिन्दू कैलेंडर मई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2809° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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