पंचांग · शनिवार, 4 अक्टूबर 2031बेंगलुरु
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण चतुर्थी21:59 तक
- कृष्ण पंचमी23:08, 5 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र06:20 तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य07:39, 5 अक्टू॰ तक
- वज्र18:38 तक
- सिद्धि18:23, 5 अक्टू॰ तक
- बव09:41 तक
- बालव21:59 तक
- कौलव10:29, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:09बिंब मध्य 06:12
- सूर्यास्त
- 18:08बिंब मध्य 18:04
- चंद्रोदय
- 20:55
- चंद्रास्त
- 09:06
- दिनमान
- 11h 59m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मेष12:36 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:21
- प्रातः संध्या04:57 –06:09
- अभिजित मुहूर्त11:44 –12:32
- विजय मुहूर्त14:08 –14:56
- गोधूलि मुहूर्त18:08 –18:32
- सायाह्न संध्या18:08 –19:20
- निशीथ मुहूर्त23:44 –00:32, 5 अक्टू॰
- अमृत काल05:07 –06:49, 5 अक्टू॰
- राहु काल09:09 –10:39
- यमगंड13:38 –15:08
- गुलिक काल06:09 –07:39
- दुर्मुहूर्त06:09 –06:57
- दुर्मुहूर्त06:57 –07:45
- वर्ज्य19:00 –20:41
चौघड़िया
- कालहानि06:09 – 07:39
- शुभशुभ07:39 – 09:09
- रोगअनिष्ट09:09 – 10:39
- उद्वेगअशुभ10:39 – 12:08
- चरसम12:08 – 13:38
- लाभलाभ13:38 – 15:08
- अमृतश्रेष्ठ15:08 – 16:38
- कालहानि16:38 – 18:08
- लाभलाभ18:08 – 19:38
- उद्वेगअशुभ19:38 – 21:08
- शुभशुभ21:08 – 22:38
- अमृतश्रेष्ठ22:38 – 00:08
- चरसम00:08 – 01:39
- रोगअनिष्ट01:39 – 03:09
- कालहानि03:09 – 04:39
- लाभलाभ04:39 – 06:09
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:09–07:09 |
| गुरु | 07:09–08:09 |
| मंगल | 08:09–09:09 |
| सूर्य | 09:09–10:09 |
| शुक्र | 10:09–11:08 |
| बुध | 11:08–12:08 |
| चन्द्र | 12:08–13:08 |
| शनि | 13:08–14:08 |
| गुरु | 14:08–15:08 |
| मंगल | 15:08–16:08 |
| सूर्य | 16:08–17:08 |
| शुक्र | 17:08–18:08 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:08–19:08 |
| चन्द्र | 19:08–20:08 |
| शनि | 20:08–21:08 |
| गुरु | 21:08–22:08 |
| मंगल | 22:08–23:08 |
| सूर्य | 23:08–00:08 |
| शुक्र | 00:08–01:08 |
| बुध | 01:08–02:09 |
| चन्द्र | 02:09–03:09 |
| शनि | 03:09–04:09 |
| गुरु | 04:09–05:09 |
| मंगल | 05:09–06:09 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 4 पद06:20 तक
- कृत्तिका 1 पद12:36 तक
- कृत्तिका 2 पद18:55 तक
- कृत्तिका 3 पद01:16, 5 अक्टू॰ तक
- कृत्तिका 4 पद07:39, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 59m
- रात्रिमान
- 12h 1m
- मध्याह्न
- 12:08
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पूर्व · 12:36 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:59 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 21:59 तकनंदी पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:09 –06:20
- रोग पंचक06:20 –07:08
- शुभ मुहूर्त07:08 –09:14
- मृत्यु पंचक09:14 –11:26
- अग्नि पंचक11:26 –13:33
- शुभ मुहूर्त13:33 –15:27
- राज पंचक15:27 –17:08
- शुभ मुहूर्त17:08 –20:36
- राज पंचक20:36 –21:59
- शुभ मुहूर्त21:59 –22:39
- चोर पंचक22:39 –00:50, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:50 –02:59, 5 अक्टू॰
- रोग पंचक02:59 –05:02, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:02 –06:09, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:06 –07:08
- तुला07:08 –09:14
- वृश्चिक09:14 –11:26
- धनु11:26 –13:33
- मकर13:33 –15:27
- कुम्भ15:27 –17:08
- मीन17:08 –18:48
- मेष18:48 –20:36
- वृषभ20:36 –22:39
- मिथुन22:39 –00:50, 5 अक्टू॰
- कर्क00:50 –02:59, 5 अक्टू॰
- सिंह02:59 –05:02, 5 अक्टू॰
- कन्या05:02 –07:04, 5 अक्टू॰
पंचांग · बेंगलुरु, 4 अक्टूबर 2031
शनिवार, 4 अक्टूबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय 06:09 और सूर्यास्त 18:08 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्थी 21:59 तक, फिर कृष्ण पंचमी; नक्षत्र भरणी 06:20 तक, फिर कृत्तिका; योग वज्र 18:38 तक, फिर सिद्धि; करण बव 09:41 तक, फिर बालव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:09–10:39, अभिजित मुहूर्त 11:44–12:32। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
बेंगलुरु में 4 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण चतुर्थी 21:59 तक, फिर कृष्ण पंचमी (सूर्योदय 06:09, बेंगलुरु)।
4 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 06:20 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 12:36 तक।
बेंगलुरु में 4 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:09–10:39, यमगण्ड 13:38–15:08, गुलिक काल 06:09–07:39।
बेंगलुरु में 4 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:08, चंद्रोदय 20:55 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:44–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अक्टूबर 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
संकष्टी चतुर्थी।
बेंगलुरु हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3007° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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