पंचांग · सोमवार, 21 अक्टूबर 2030बेंगलुरु
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण नवमी10:23 तक
- कृष्ण दशमी10:46, 22 अक्टू॰ तक
- अश्लेषास्वामी बुध02:18, 22 अक्टू॰ तक
- मघास्वामी केतु02:47, 23 अक्टू॰ तक
- साध्य07:15 तक
- शुभ06:33, 22 अक्टू॰ तक
- गर10:23 तक
- वणिज22:41 तक
- विष्टि10:46, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:11बिंब मध्य 06:14
- सूर्यास्त
- 17:58बिंब मध्य 17:54
- चंद्रोदय
- 00:58
- चंद्रास्त
- 13:44
- दिनमान
- 11h 47m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- कर्क02:18, 22 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:22
- प्रातः संध्या04:57 –06:11
- अभिजित मुहूर्त11:41 –12:28
- विजय मुहूर्त14:02 –14:49
- गोधूलि मुहूर्त17:58 –18:22
- सायाह्न संध्या17:58 –19:11
- निशीथ मुहूर्त23:40 –00:29, 22 अक्टू॰
- अमृत काल00:37 –02:18, 22 अक्टू॰
- राहु काल07:39 –09:07
- यमगंड10:36 –12:04
- गुलिक काल13:33 –15:01
- दुर्मुहूर्त12:28 –13:15
- दुर्मुहूर्त14:49 –15:36
- वर्ज्य14:31 –16:12
- गंड मूल06:11 –02:18, 22 अक्टू॰
- गंड मूल02:18 –06:11, 22 अक्टू॰
- भद्रा22:41 –06:11, 22 अक्टू॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:11 – 07:39
- कालहानि07:39 – 09:07
- शुभशुभ09:07 – 10:36
- रोगअनिष्ट10:36 – 12:04
- उद्वेगअशुभ12:04 – 13:33
- चरसम13:33 – 15:01
- लाभलाभ15:01 – 16:29
- अमृतश्रेष्ठ16:29 – 17:58
- चरसम17:58 – 19:29
- रोगअनिष्ट19:29 – 21:01
- कालहानि21:01 – 22:33
- लाभलाभ22:33 – 00:04
- उद्वेगअशुभ00:04 – 01:36
- शुभशुभ01:36 – 03:08
- अमृतश्रेष्ठ03:08 – 04:39
- चरसम04:39 – 06:11
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:11–07:10 |
| शनि | 07:10–08:09 |
| गुरु | 08:09–09:07 |
| मंगल | 09:07–10:06 |
| सूर्य | 10:06–11:05 |
| शुक्र | 11:05–12:04 |
| बुध | 12:04–13:03 |
| चन्द्र | 13:03–14:02 |
| शनि | 14:02–15:01 |
| गुरु | 15:01–16:00 |
| मंगल | 16:00–16:59 |
| सूर्य | 16:59–17:58 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:58–18:59 |
| बुध | 18:59–20:00 |
| चन्द्र | 20:00–21:01 |
| शनि | 21:01–22:02 |
| गुरु | 22:02–23:03 |
| मंगल | 23:03–00:04 |
| सूर्य | 00:04–01:05 |
| शुक्र | 01:05–02:06 |
| बुध | 02:06–03:08 |
| चन्द्र | 03:08–04:09 |
| शनि | 04:09–05:10 |
| गुरु | 05:10–06:11 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 1 पद07:25 तक
- अश्लेषा 2 पद13:46 तक
- अश्लेषा 3 पद20:04 तक
- अश्लेषा 4 पद02:18, 22 अक्टू॰ तक
- मघा 1 पद08:30, 22 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 47m
- रात्रिमान
- 12h 13m
- मध्याह्न
- 12:04
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 02:18, 22 अक्टू॰ तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:23 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 10:23 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:11 –08:06
- शुभ मुहूर्त08:06 –10:18
- रोग पंचक10:18 –10:23
- शुभ मुहूर्त10:23 –12:25
- मृत्यु पंचक12:25 –14:19
- अग्नि पंचक14:19 –16:01
- शुभ मुहूर्त16:01 –17:40
- मृत्यु पंचक17:40 –19:29
- अग्नि पंचक19:29 –21:31
- शुभ मुहूर्त21:31 –23:42
- राज पंचक23:42 –01:52, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:52 –02:18, 22 अक्टू॰
- चोर पंचक02:18 –03:54, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:54 –05:56, 22 अक्टू॰
- रोग पंचक05:56 –06:11, 22 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला06:00 –08:06
- वृश्चिक08:06 –10:18
- धनु10:18 –12:25
- मकर12:25 –14:19
- कुम्भ14:19 –16:01
- मीन16:01 –17:40
- मेष17:40 –19:29
- वृषभ19:29 –21:31
- मिथुन21:31 –23:42
- कर्क23:42 –01:52, 22 अक्टू॰
- सिंह01:52 –03:54, 22 अक्टू॰
- कन्या03:54 –05:56, 22 अक्टू॰
- तुला05:56 –08:03, 22 अक्टू॰
पंचांग · बेंगलुरु, 21 अक्टूबर 2030
सोमवार, 21 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय 06:11 और सूर्यास्त 17:58 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 10:23 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र अश्लेषा 22 अक्टूबर 02:18 तक, फिर मघा; योग साध्य 07:15 तक, फिर शुभ; करण गर 10:23 तक, फिर वणिज। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:39–09:07, अभिजित मुहूर्त 11:41–12:28। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
बेंगलुरु में 21 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 10:23 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:11, बेंगलुरु)।
21 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 22 अक्टूबर 02:18 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 22 अक्टूबर 02:18 तक।
बेंगलुरु में 21 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:39–09:07, यमगण्ड 10:36–12:04, गुलिक काल 13:33–15:01।
बेंगलुरु में 21 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 17:58, चंद्रोदय 00:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:41–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:22। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
बेंगलुरु हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2874° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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