पंचांग · शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2032अयोध्या

आश्विन · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2089पापांकुशा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:01सूर्योदय17:33सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 12:55 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा
07:10 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0117:33
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:20 –11:47
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:01दिन17:33
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:33रात06:01
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    12:55 तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    09:48, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. धनिष्ठास्वामी मंगल
    07:10 तक
  2. शतभिषास्वामी राहु
    04:52, 16 अक्टू॰ तक
  3. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    02:27, 17 अक्टू॰ तक
योग
  1. गण्ड
    20:30 तक
  2. वृद्धि
    16:45, 16 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    12:55 तक
  2. बव
    23:23 तक
  3. बालव
    09:48, 16 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:01
बिंब मध्य 06:04
सूर्यास्त
17:33
बिंब मध्य 17:28
चंद्रोदय
14:58
चंद्रास्त
02:02
दिनमान
11h 32m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
कुम्भ
21:04, 16 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2089
शक संवत
1954

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:21 –05:11
  • प्रातः संध्या04:46 –06:01
  • अभिजित मुहूर्त11:24 –12:10
  • विजय मुहूर्त13:42 –14:28
  • गोधूलि मुहूर्त17:33 –17:58
  • सायाह्न संध्या17:33 –18:48
  • निशीथ मुहूर्त23:22 –00:12, 16 अक्टू॰
  • अमृत काल22:22 –23:49
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:20 –11:47
  • यमगंड14:40 –16:06
  • गुलिक काल07:27 –08:54
  • दुर्मुहूर्त08:19 –09:05
  • दुर्मुहूर्त12:10 –12:56
  • वर्ज्य13:41 –15:08
  • भद्रा06:01 –12:55

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:01 – 07:27
  • लाभलाभ07:27 – 08:54
  • अमृतश्रेष्ठ08:54 – 10:20
  • कालहानि10:20 – 11:47
  • शुभशुभ11:47 – 13:13
  • रोगअनिष्ट13:13 – 14:40
  • उद्वेगअशुभ14:40 – 16:06
  • चरसम16:06 – 17:33
रात
  • रोगअनिष्ट17:33 – 19:06
  • कालहानि19:06 – 20:40
  • लाभलाभ20:40 – 22:13
  • उद्वेगअशुभ22:13 – 23:47
  • शुभशुभ23:47 – 01:21
  • अमृतश्रेष्ठ01:21 – 02:54
  • चरसम02:54 – 04:28
  • रोगअनिष्ट04:28 – 06:01

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:01–06:58
बुध06:58–07:56
चन्द्र07:56–08:54
शनि08:54–09:51
गुरु09:51–10:49
मंगल10:49–11:47
सूर्य11:47–12:44
शुक्र12:44–13:42
बुध13:42–14:40
चन्द्र14:40–15:37
शनि15:37–16:35
गुरु16:35–17:33
रात
ग्रहसमय
मंगल17:33–18:35
सूर्य18:35–19:37
शुक्र19:37–20:40
बुध20:40–21:42
चन्द्र21:42–22:45
शनि22:45–23:47
गुरु23:47–00:49
मंगल00:49–01:52
सूर्य01:52–02:54
शुक्र02:54–03:57
बुध03:57–04:59
चन्द्र04:59–06:01

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • धनिष्ठा 4 पद07:10 तक
  • शतभिषा 1 पद12:37 तक
  • शतभिषा 2 पद18:03 तक
  • शतभिषा 3 पद23:28 तक
  • शतभिषा 4 पद04:52, 16 अक्टू॰ तक
  • पूर्वभाद्रपद 1 पद10:16, 16 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 32m
रात्रिमान
12h 28m
मध्याह्न
11:47

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
धनिष्ठा · 07:10 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
शतभिषा · 04:52, 16 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पूर्वभाद्रपद · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पाताल · 12:55 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 12:55 तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:01 –06:14
  • अग्नि पंचक06:14 –07:10
  • शुभ मुहूर्त07:10 –08:31
  • राज पंचक08:31 –10:49
  • शुभ मुहूर्त10:49 –12:53
  • चोर पंचक12:53 –12:55
  • शुभ मुहूर्त12:55 –14:37
  • रोग पंचक14:37 –16:06
  • शुभ मुहूर्त16:06 –19:10
  • रोग पंचक19:10 –21:07
  • शुभ मुहूर्त21:07 –23:21
  • मृत्यु पंचक23:21 –01:40, 16 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक01:40 –03:55, 16 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:55 –04:52, 16 अक्टू॰
  • राज पंचक04:52 –06:01, 16 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या03:59 –06:14
  • तुला06:14 –08:31
  • वृश्चिक08:31 –10:49
  • धनु10:49 –12:53
  • मकर12:53 –14:37
  • कुम्भ14:37 –16:06
  • मीन16:06 –17:33
  • मेष17:33 –19:10
  • वृषभ19:10 –21:07
  • मिथुन21:07 –23:21
  • कर्क23:21 –01:40, 16 अक्टू॰
  • सिंह01:40 –03:55, 16 अक्टू॰
  • कन्या03:55 –06:10, 16 अक्टू॰

पंचांग · अयोध्या, 15 अक्टूबर 2032

शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2032 को अयोध्या में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 17:33 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 12:55 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र धनिष्ठा 07:10 तक, फिर शतभिषा; योग गण्ड 20:30 तक, फिर वृद्धि; करण विष्टि 12:55 तक, फिर बव। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:20–11:47, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:10। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 15 अक्टूबर 2032 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 12:55 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:01, अयोध्या)।

15 अक्टूबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?

धनिष्ठा 07:10 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा कुम्भ राशि में 16 अक्टूबर 21:04 तक।

अयोध्या में 15 अक्टूबर 2032 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:20–11:47, यमगण्ड 14:40–16:06, गुलिक काल 07:27–08:54।

अयोध्या में 15 अक्टूबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 17:33, चंद्रोदय 14:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

15 अक्टूबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:24–12:10, ब्रह्म मुहूर्त 04:21–05:11। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

15 अक्टूबर 2032 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

पापांकुशा एकादशी।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3151° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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