पंचांग · बुधवार, 15 सितंबर 2032अयोध्या

भाद्रपद · शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2089परिवर्तिनी एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:47सूर्योदय18:05सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल दशमी
शुक्ल · 08:06 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
03:05, 16 सित॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4718:05
बुधवार · बुध
राहु काल
11:56 –13:28
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:47दिन18:05
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:05रात05:47
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल दशमी
    08:06 तक
  2. शुक्ल एकादशी
    05:18, 16 सित॰ तक
  3. शुक्ल द्वादशी
    02:02, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
  1. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    03:05, 16 सित॰ तक
  2. श्रवणस्वामी चन्द्र
    00:38, 17 सित॰ तक
योग
  1. शोभन
    23:04 तक
  2. अतिगण्ड
    19:23, 16 सित॰ तक
करण
  1. गर
    08:06 तक
  2. वणिज
    18:46 तक
  3. विष्टि
    05:18, 16 सित॰ तक
  4. बव
    15:43, 16 सित॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:47
बिंब मध्य 05:50
सूर्यास्त
18:05
बिंब मध्य 18:01
चंद्रोदय
14:46
चंद्रास्त
01:05
दिनमान
12h 18m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
धनु
10:36 तक
सूर्य राशि
सिंह

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
भाद्रपद
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2089
शक संवत
1954

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:13 –05:00
  • प्रातः संध्या04:37 –05:47
  • अभिजित मुहूर्त11:31 –12:21
  • विजय मुहूर्त13:59 –14:48
  • गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:29
  • सायाह्न संध्या18:05 –19:16
  • निशीथ मुहूर्त23:33 –00:20, 16 सित॰
  • अमृत काल21:12 –22:40
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:56 –13:28
  • यमगंड07:19 –08:51
  • गुलिक काल10:24 –11:56
  • दुर्मुहूर्त11:31 –12:21
  • वर्ज्य12:23 –13:51
  • भद्रा18:46 –05:18, 16 सित॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ05:47 – 07:19
  • अमृतश्रेष्ठ07:19 – 08:51
  • कालहानि08:51 – 10:24
  • शुभशुभ10:24 – 11:56
  • रोगअनिष्ट11:56 – 13:28
  • उद्वेगअशुभ13:28 – 15:01
  • चरसम15:01 – 16:33
  • लाभलाभ16:33 – 18:05
रात
  • उद्वेगअशुभ18:05 – 19:33
  • शुभशुभ19:33 – 21:01
  • अमृतश्रेष्ठ21:01 – 22:29
  • चरसम22:29 – 23:56
  • रोगअनिष्ट23:56 – 01:24
  • कालहानि01:24 – 02:52
  • लाभलाभ02:52 – 04:19
  • उद्वेगअशुभ04:19 – 05:47

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध05:47–06:48
चन्द्र06:48–07:50
शनि07:50–08:51
गुरु08:51–09:53
मंगल09:53–10:55
सूर्य10:55–11:56
शुक्र11:56–12:58
बुध12:58–13:59
चन्द्र13:59–15:01
शनि15:01–16:02
गुरु16:02–17:04
मंगल17:04–18:05
रात
ग्रहसमय
सूर्य18:05–19:04
शुक्र19:04–20:02
बुध20:02–21:01
चन्द्र21:01–21:59
शनि21:59–22:58
गुरु22:58–23:56
मंगल23:56–00:55
सूर्य00:55–01:53
शुक्र01:53–02:52
बुध02:52–03:50
चन्द्र03:50–04:49
शनि04:49–05:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद10:36 तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद16:07 तक
  • उत्तराषाढ़ा 3 पद21:37 तक
  • उत्तराषाढ़ा 4 पद03:05, 16 सित॰ तक
  • श्रवण 1 पद08:30, 16 सित॰ तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 18m
रात्रिमान
11h 42m
मध्याह्न
11:56

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 10:36 तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
उत्तराषाढ़ा · 03:05, 16 सित॰ तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
श्रवण · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व · 10:36 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:06 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:18, 16 सित॰ तकआकाश
शिववास
सभा में · 08:06 तकक्रीड़ा में · 05:18, 16 सित॰ तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक05:47 –05:57
  • शुभ मुहूर्त05:57 –08:06
  • चोर पंचक08:06 –08:12
  • शुभ मुहूर्त08:12 –10:29
  • रोग पंचक10:29 –12:47
  • शुभ मुहूर्त12:47 –14:51
  • मृत्यु पंचक14:51 –16:35
  • अग्नि पंचक16:35 –18:04
  • शुभ मुहूर्त18:04 –19:31
  • मृत्यु पंचक19:31 –21:08
  • अग्नि पंचक21:08 –23:05
  • शुभ मुहूर्त23:05 –01:19, 16 सित॰
  • राज पंचक01:19 –03:05, 16 सित॰
  • शुभ मुहूर्त03:05 –03:38, 16 सित॰
  • चोर पंचक03:38 –05:18, 16 सित॰
  • शुभ मुहूर्त05:18 –05:47, 16 सित॰

उदय लग्न

  • सिंह03:42 –05:57
  • कन्या05:57 –08:12
  • तुला08:12 –10:29
  • वृश्चिक10:29 –12:47
  • धनु12:47 –14:51
  • मकर14:51 –16:35
  • कुम्भ16:35 –18:04
  • मीन18:04 –19:31
  • मेष19:31 –21:08
  • वृषभ21:08 –23:05
  • मिथुन23:05 –01:19, 16 सित॰
  • कर्क01:19 –03:38, 16 सित॰
  • सिंह03:38 –05:53, 16 सित॰

पंचांग · अयोध्या, 15 सितंबर 2032

बुधवार, 15 सितंबर 2032 को अयोध्या में सूर्योदय 05:47 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 08:06 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 16 सितंबर 03:05 तक, फिर श्रवण; योग शोभन 23:04 तक, फिर अतिगण्ड; करण गर 08:06 तक, फिर वणिज। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 11:56–13:28, अभिजित मुहूर्त 11:31–12:21। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 15 सितंबर 2032 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल दशमी 08:06 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 05:47, अयोध्या)।

15 सितंबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तराषाढ़ा 16 सितंबर 03:05 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा धनु राशि में 10:36 तक।

अयोध्या में 15 सितंबर 2032 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:56–13:28, यमगण्ड 07:19–08:51, गुलिक काल 10:24–11:56।

अयोध्या में 15 सितंबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 14:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

15 सितंबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:31–12:21, ब्रह्म मुहूर्त 04:13–05:00। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

15 सितंबर 2032 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

परिवर्तिनी एकादशी।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3140° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP