पंचांग · गुरुवार, 1 अप्रैल 2032अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी07:11 तक
- कृष्ण षष्ठी06:06, 2 अप्रैल तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध05:10, 2 अप्रैल तक
- मूलस्वामी केतु04:22, 3 अप्रैल तक
- व्यतीपात02:11, 2 अप्रैल तक
- वरीयान्23:54, 2 अप्रैल तक
- तैतिल07:11 तक
- गर18:42 तक
- वणिज06:06, 2 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:52बिंब मध्य 05:55
- सूर्यास्त
- 18:19बिंब मध्य 18:14
- चंद्रोदय
- 23:22
- चंद्रास्त
- 09:27
- दिनमान
- 12h 27m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- वृश्चिक05:10, 2 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:19 –05:06
- प्रातः संध्या04:42 –05:52
- अभिजित मुहूर्त11:40 –12:30
- विजय मुहूर्त14:10 –14:59
- गोधूलि मुहूर्त18:19 –18:42
- सायाह्न संध्या18:19 –19:28
- निशीथ मुहूर्त23:42 –00:28, 2 अप्रैल
- अमृत काल20:31 –22:05
- राहु काल13:39 –15:12
- यमगंड05:52 –07:25
- गुलिक काल08:58 –10:32
- दुर्मुहूर्त10:01 –10:50
- दुर्मुहूर्त14:59 –15:49
- वर्ज्य11:04 –12:38
- गंड मूल05:52 –05:10, 2 अप्रैल
- गंड मूल05:10 –05:51, 2 अप्रैल
चौघड़िया
- शुभशुभ05:52 – 07:25
- रोगअनिष्ट07:25 – 08:58
- उद्वेगअशुभ08:58 – 10:32
- चरसम10:32 – 12:05
- लाभलाभ12:05 – 13:39
- अमृतश्रेष्ठ13:39 – 15:12
- कालहानि15:12 – 16:45
- शुभशुभ16:45 – 18:19
- अमृतश्रेष्ठ18:19 – 19:45
- चरसम19:45 – 21:12
- रोगअनिष्ट21:12 – 22:38
- कालहानि22:38 – 00:05
- लाभलाभ00:05 – 01:31
- उद्वेगअशुभ01:31 – 02:58
- शुभशुभ02:58 – 04:24
- अमृतश्रेष्ठ04:24 – 05:51
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:52–06:54 |
| मंगल | 06:54–07:56 |
| सूर्य | 07:56–08:58 |
| शुक्र | 08:58–10:01 |
| बुध | 10:01–11:03 |
| चन्द्र | 11:03–12:05 |
| शनि | 12:05–13:07 |
| गुरु | 13:07–14:10 |
| मंगल | 14:10–15:12 |
| सूर्य | 15:12–16:14 |
| शुक्र | 16:14–17:16 |
| बुध | 17:16–18:19 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:19–19:16 |
| शनि | 19:16–20:14 |
| गुरु | 20:14–21:12 |
| मंगल | 21:12–22:09 |
| सूर्य | 22:09–23:07 |
| शुक्र | 23:07–00:05 |
| बुध | 00:05–01:02 |
| चन्द्र | 01:02–02:00 |
| शनि | 02:00–02:58 |
| गुरु | 02:58–03:55 |
| मंगल | 03:55–04:53 |
| सूर्य | 04:53–05:51 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- ज्येष्ठा 1 पद11:30 तक
- ज्येष्ठा 2 पद17:25 तक
- ज्येष्ठा 3 पद23:18 तक
- ज्येष्ठा 4 पद05:10, 2 अप्रैल तक
- मूल 1 पद11:01, 2 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 27m
- रात्रिमान
- 11h 32m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर · 05:10, 2 अप्रैल तकपूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 07:11 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 07:11 तकभोजन में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:52 –06:32
- रोग पंचक06:32 –07:11
- शुभ मुहूर्त07:11 –08:09
- मृत्यु पंचक08:09 –10:05
- अग्नि पंचक10:05 –12:19
- शुभ मुहूर्त12:19 –14:38
- राज पंचक14:38 –16:54
- शुभ मुहूर्त16:54 –19:08
- चोर पंचक19:08 –21:26
- शुभ मुहूर्त21:26 –23:44
- रोग पंचक23:44 –01:48, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:48 –03:32, 2 अप्रैल
- मृत्यु पंचक03:32 –05:01, 2 अप्रैल
- अग्नि पंचक05:01 –05:10, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:10 –05:51, 2 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:05 –06:32
- मेष06:32 –08:09
- वृषभ08:09 –10:05
- मिथुन10:05 –12:19
- कर्क12:19 –14:38
- सिंह14:38 –16:54
- कन्या16:54 –19:08
- तुला19:08 –21:26
- वृश्चिक21:26 –23:44
- धनु23:44 –01:48, 2 अप्रैल
- मकर01:48 –03:32, 2 अप्रैल
- कुम्भ03:32 –05:01, 2 अप्रैल
- मीन05:01 –06:28, 2 अप्रैल
पंचांग · अयोध्या, 1 अप्रैल 2032
गुरुवार, 1 अप्रैल 2032 को अयोध्या में सूर्योदय 05:52 और सूर्यास्त 18:19 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 07:11 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र ज्येष्ठा 2 अप्रैल 05:10 तक, फिर मूल; योग व्यतीपात 2 अप्रैल 02:11 तक, फिर वरीयान्; करण तैतिल 07:11 तक, फिर गर। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:39–15:12, अभिजित मुहूर्त 11:40–12:30। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 1 अप्रैल 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 07:11 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 05:52, अयोध्या)।
1 अप्रैल 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
ज्येष्ठा 2 अप्रैल 05:10 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 2 अप्रैल 05:10 तक।
अयोध्या में 1 अप्रैल 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:39–15:12, यमगण्ड 05:52–07:25, गुलिक काल 08:58–10:32।
अयोध्या में 1 अप्रैल 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:19, चंद्रोदय 23:22 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अप्रैल 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:40–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:19–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3076° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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