पंचांग · गुरुवार, 4 सितंबर 2031अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया07:49 तक
- कृष्ण चतुर्थी06:50, 5 सित॰ तक
- रेवतीस्वामी बुध20:02 तक
- अश्विनीस्वामी केतु20:13, 5 सित॰ तक
- गण्ड13:00 तक
- वृद्धि11:18, 5 सित॰ तक
- विष्टि07:49 तक
- बव19:14 तक
- बालव06:50, 5 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:42बिंब मध्य 05:45
- सूर्यास्त
- 18:19बिंब मध्य 18:14
- चंद्रोदय
- 20:10
- चंद्रास्त
- 08:29
- दिनमान
- 12h 37m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मीन20:02 तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद (अधिक मास)
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:11 –04:56
- प्रातः संध्या04:34 –05:42
- अभिजित मुहूर्त11:35 –12:25
- विजय मुहूर्त14:06 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:19 –18:41
- सायाह्न संध्या18:19 –19:27
- निशीथ मुहूर्त23:38 –00:23, 5 सित॰
- अमृत काल17:42 –19:15
- राहु काल13:35 –15:09
- यमगंड05:42 –07:16
- गुलिक काल08:51 –10:26
- दुर्मुहूर्त09:54 –10:44
- दुर्मुहूर्त14:57 –15:47
- वर्ज्य08:21 –09:54
- गंड मूल05:42 –20:02
- गंड मूल20:02 –05:42, 5 सित॰
- भद्रा05:42 –07:49
चौघड़िया
- शुभशुभ05:42 – 07:16
- रोगअनिष्ट07:16 – 08:51
- उद्वेगअशुभ08:51 – 10:26
- चरसम10:26 – 12:00
- लाभलाभ12:00 – 13:35
- अमृतश्रेष्ठ13:35 – 15:09
- कालहानि15:09 – 16:44
- शुभशुभ16:44 – 18:19
- अमृतश्रेष्ठ18:19 – 19:44
- चरसम19:44 – 21:09
- रोगअनिष्ट21:09 – 22:35
- कालहानि22:35 – 00:00
- लाभलाभ00:00 – 01:26
- उद्वेगअशुभ01:26 – 02:51
- शुभशुभ02:51 – 04:17
- अमृतश्रेष्ठ04:17 – 05:42
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:42–06:45 |
| मंगल | 06:45–07:48 |
| सूर्य | 07:48–08:51 |
| शुक्र | 08:51–09:54 |
| बुध | 09:54–10:57 |
| चन्द्र | 10:57–12:00 |
| शनि | 12:00–13:03 |
| गुरु | 13:03–14:06 |
| मंगल | 14:06–15:09 |
| सूर्य | 15:09–16:12 |
| शुक्र | 16:12–17:15 |
| बुध | 17:15–18:19 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:19–19:16 |
| शनि | 19:16–20:12 |
| गुरु | 20:12–21:09 |
| मंगल | 21:09–22:06 |
| सूर्य | 22:06–23:03 |
| शुक्र | 23:03–00:00 |
| बुध | 00:00–00:57 |
| चन्द्र | 00:57–01:54 |
| शनि | 01:54–02:51 |
| गुरु | 02:51–03:48 |
| मंगल | 03:48–04:45 |
| सूर्य | 04:45–05:42 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 2 पद08:15 तक
- रेवती 3 पद14:07 तक
- रेवती 4 पद20:02 तक
- अश्विनी 1 पद02:00, 5 सित॰ तक
- अश्विनी 2 पद08:01, 5 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 37m
- रात्रिमान
- 11h 23m
- मध्याह्न
- 12:00
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर · 20:02 तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:49 तकआकाश
- शिववास
- क्रीड़ा में · 07:49 तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:42 –06:43
- अग्नि पंचक06:43 –07:49
- शुभ मुहूर्त07:49 –08:58
- राज पंचक08:58 –11:15
- शुभ मुहूर्त11:15 –13:33
- चोर पंचक13:33 –15:37
- शुभ मुहूर्त15:37 –17:21
- रोग पंचक17:21 –18:50
- शुभ मुहूर्त18:50 –20:02
- मृत्यु पंचक20:02 –20:17
- रोग पंचक20:17 –21:54
- शुभ मुहूर्त21:54 –23:51
- मृत्यु पंचक23:51 –02:05, 5 सित॰
- अग्नि पंचक02:05 –04:24, 5 सित॰
- शुभ मुहूर्त04:24 –05:42, 5 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:28 –06:43
- कन्या06:43 –08:58
- तुला08:58 –11:15
- वृश्चिक11:15 –13:33
- धनु13:33 –15:37
- मकर15:37 –17:21
- कुम्भ17:21 –18:50
- मीन18:50 –20:17
- मेष20:17 –21:54
- वृषभ21:54 –23:51
- मिथुन23:51 –02:05, 5 सित॰
- कर्क02:05 –04:24, 5 सित॰
- सिंह04:24 –06:39, 5 सित॰
पंचांग · अयोध्या, 4 सितंबर 2031
गुरुवार, 4 सितंबर 2031 को अयोध्या में सूर्योदय 05:42 और सूर्यास्त 18:19 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 07:49 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र रेवती 20:02 तक, फिर अश्विनी; योग गण्ड 13:00 तक, फिर वृद्धि; करण विष्टि 07:49 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 13:35–15:09, अभिजित मुहूर्त 11:35–12:25। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 4 सितंबर 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 07:49 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:42, अयोध्या)।
4 सितंबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 20:02 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 20:02 तक।
अयोध्या में 4 सितंबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:35–15:09, यमगण्ड 05:42–07:16, गुलिक काल 08:51–10:26।
अयोध्या में 4 सितंबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:19, चंद्रोदय 20:10 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 सितंबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:35–12:25, ब्रह्म मुहूर्त 04:11–04:56। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 सितंबर 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
संकष्टी चतुर्थी।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2996° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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