पंचांग · सोमवार, 15 नवंबर 2027अयोध्या

कार्तिक · कृष्ण प्रतिपदा · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:20सूर्योदय17:11सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
कृष्ण · 07:28 तक
नक्षत्र
कृत्तिका
07:06 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2017:11
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:42 –09:03
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:20दिन17:11
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:11रात06:21
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण प्रतिपदा
    07:28 तक
  2. कृष्ण द्वितीया
    05:42, 16 नव॰ तक
  3. कृष्ण तृतीया
    03:42, 17 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    07:06 तक
  2. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:00, 16 नव॰ तक
  3. मृगशिरास्वामी मंगल
    04:42, 17 नव॰ तक
योग
  1. परिघ
    15:20 तक
  2. शिव
    12:38, 16 नव॰ तक
करण
  1. कौलव
    07:28 तक
  2. तैतिल
    18:37 तक
  3. गर
    05:42, 16 नव॰ तक
  4. वणिज
    16:43, 16 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:20
बिंब मध्य 06:24
सूर्यास्त
17:11
बिंब मध्य 17:06
चंद्रोदय
18:00
चंद्रास्त
07:26
दिनमान
10h 51m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृषभ
17:22, 16 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:35 –05:28
  • प्रातः संध्या05:01 –06:20
  • अभिजित मुहूर्त11:24 –12:07
  • विजय मुहूर्त13:34 –14:17
  • गोधूलि मुहूर्त17:11 –17:37
  • सायाह्न संध्या17:11 –18:30
  • निशीथ मुहूर्त23:20 –00:12, 16 नव॰
  • अमृत काल02:57 –04:28, 16 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:42 –09:03
  • यमगंड10:24 –11:46
  • गुलिक काल13:07 –14:28
  • दुर्मुहूर्त12:07 –12:51
  • दुर्मुहूर्त14:17 –15:01
  • वर्ज्य22:22 –23:54

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:20 – 07:42
  • कालहानि07:42 – 09:03
  • शुभशुभ09:03 – 10:24
  • रोगअनिष्ट10:24 – 11:46
  • उद्वेगअशुभ11:46 – 13:07
  • चरसम13:07 – 14:28
  • लाभलाभ14:28 – 15:50
  • अमृतश्रेष्ठ15:50 – 17:11
रात
  • चरसम17:11 – 18:50
  • रोगअनिष्ट18:50 – 20:28
  • कालहानि20:28 – 22:07
  • लाभलाभ22:07 – 23:46
  • उद्वेगअशुभ23:46 – 01:25
  • शुभशुभ01:25 – 03:03
  • अमृतश्रेष्ठ03:03 – 04:42
  • चरसम04:42 – 06:21

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:20–07:14
शनि07:14–08:09
गुरु08:09–09:03
मंगल09:03–09:57
सूर्य09:57–10:51
शुक्र10:51–11:46
बुध11:46–12:40
चन्द्र12:40–13:34
शनि13:34–14:28
गुरु14:28–15:22
मंगल15:22–16:17
सूर्य16:17–17:11
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:11–18:17
बुध18:17–19:23
चन्द्र19:23–20:28
शनि20:28–21:34
गुरु21:34–22:40
मंगल22:40–23:46
सूर्य23:46–00:52
शुक्र00:52–01:58
बुध01:58–03:03
चन्द्र03:03–04:09
शनि04:09–05:15
गुरु05:15–06:21

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • कृत्तिका 4 पद07:06 तक
  • रोहिणी 1 पद12:51 तक
  • रोहिणी 2 पद18:35 तक
  • रोहिणी 3 पद00:18, 16 नव॰ तक
  • रोहिणी 4 पद06:00, 16 नव॰ तक
  • मृगशिरा 1 पद11:41, 16 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 51m
रात्रिमान
13h 10m
मध्याह्न
11:46

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
कृत्तिका · 07:06 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · 06:00, 16 नव॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:28 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:42, 16 नव॰ तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 07:28 तकसभा में · 05:42, 16 नव॰ तकक्रीड़ा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:20 –06:32
  • अग्नि पंचक06:32 –07:06
  • शुभ मुहूर्त07:06 –07:28
  • राज पंचक07:28 –08:50
  • शुभ मुहूर्त08:50 –10:54
  • चोर पंचक10:54 –12:38
  • शुभ मुहूर्त12:38 –14:07
  • रोग पंचक14:07 –15:34
  • चोर पंचक15:34 –17:11
  • शुभ मुहूर्त17:11 –19:08
  • रोग पंचक19:08 –21:22
  • शुभ मुहूर्त21:22 –23:41
  • मृत्यु पंचक23:41 –01:56, 16 नव॰
  • अग्नि पंचक01:56 –04:11, 16 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:11 –05:42, 16 नव॰
  • राज पंचक05:42 –06:00, 16 नव॰
  • शुभ मुहूर्त06:00 –06:21, 16 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:14 –06:32
  • वृश्चिक06:32 –08:50
  • धनु08:50 –10:54
  • मकर10:54 –12:38
  • कुम्भ12:38 –14:07
  • मीन14:07 –15:34
  • मेष15:34 –17:11
  • वृषभ17:11 –19:08
  • मिथुन19:08 –21:22
  • कर्क21:22 –23:41
  • सिंह23:41 –01:56, 16 नव॰
  • कन्या01:56 –04:11, 16 नव॰
  • तुला04:11 –06:28, 16 नव॰

पंचांग · अयोध्या, 15 नवंबर 2027

सोमवार, 15 नवंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय 06:20 और सूर्यास्त 17:11 पर है। तिथि कृष्ण प्रतिपदा 07:28 तक, फिर कृष्ण द्वितीया; नक्षत्र कृत्तिका 07:06 तक, फिर रोहिणी; योग परिघ 15:20 तक, फिर शिव; करण कौलव 07:28 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:42–09:03, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:07। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 15 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण प्रतिपदा 07:28 तक, फिर कृष्ण द्वितीया (सूर्योदय 06:20, अयोध्या)।

15 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका 07:06 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 16 नवंबर 17:22 तक।

अयोध्या में 15 नवंबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:42–09:03, यमगण्ड 10:24–11:46, गुलिक काल 13:07–14:28।

अयोध्या में 15 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 17:11, चंद्रोदय 18:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

15 नवंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:24–12:07, ब्रह्म मुहूर्त 04:35–05:28। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2464° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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