पंचांग · रविवार, 4 जुलाई 2027अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- अमावस्या08:32 तक
- शुक्ल प्रतिपदा04:51, 5 जुल॰ तक
- शुक्ल द्वितीया01:14, 6 जुल॰ तक
- आर्द्रास्वामी राहु12:09 तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु09:19, 5 जुल॰ तक
- ध्रुव15:21 तक
- व्याघात11:15, 5 जुल॰ तक
- नाग08:32 तक
- किंस्तुघ्न18:41 तक
- बव04:51, 5 जुल॰ तक
- बालव15:01, 5 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:12बिंब मध्य 05:16
- सूर्यास्त
- 18:59बिंब मध्य 18:54
- चंद्रोदय
- 05:01
- चंद्रास्त
- 19:26
- दिनमान
- 13h 47m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- मिथुन04:01, 5 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- ज्येष्ठ
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:50 –04:31
- प्रातः संध्या04:11 –05:12
- अभिजित मुहूर्त11:38 –12:33
- विजय मुहूर्त14:23 –15:18
- गोधूलि मुहूर्त18:59 –19:19
- सायाह्न संध्या18:59 –20:00
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:26, 5 जुल॰
- राहु काल17:16 –18:59
- यमगंड12:06 –13:49
- गुलिक काल15:32 –17:16
- दुर्मुहूर्त17:09 –18:04
- वर्ज्य22:44 –00:09, 5 जुल॰
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ05:12 – 06:55
- चरसम06:55 – 08:39
- लाभलाभ08:39 – 10:22
- अमृतश्रेष्ठ10:22 – 12:06
- कालहानि12:06 – 13:49
- शुभशुभ13:49 – 15:32
- रोगअनिष्ट15:32 – 17:16
- उद्वेगअशुभ17:16 – 18:59
- शुभशुभ18:59 – 20:16
- अमृतश्रेष्ठ20:16 – 21:32
- चरसम21:32 – 22:49
- रोगअनिष्ट22:49 – 00:06
- कालहानि00:06 – 01:22
- लाभलाभ01:22 – 02:39
- उद्वेगअशुभ02:39 – 03:56
- शुभशुभ03:56 – 05:12
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 05:12–06:21 |
| शुक्र | 06:21–07:30 |
| बुध | 07:30–08:39 |
| चन्द्र | 08:39–09:48 |
| शनि | 09:48–10:57 |
| गुरु | 10:57–12:06 |
| मंगल | 12:06–13:14 |
| सूर्य | 13:14–14:23 |
| शुक्र | 14:23–15:32 |
| बुध | 15:32–16:41 |
| चन्द्र | 16:41–17:50 |
| शनि | 17:50–18:59 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:59–19:50 |
| मंगल | 19:50–20:41 |
| सूर्य | 20:41–21:32 |
| शुक्र | 21:32–22:23 |
| बुध | 22:23–23:15 |
| चन्द्र | 23:15–00:06 |
| शनि | 00:06–00:57 |
| गुरु | 00:57–01:48 |
| मंगल | 01:48–02:39 |
| सूर्य | 02:39–03:30 |
| शुक्र | 03:30–04:21 |
| बुध | 04:21–05:12 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- आर्द्रा 3 पद06:52 तक
- आर्द्रा 4 पद12:09 तक
- पुनर्वसु 1 पद17:27 तक
- पुनर्वसु 2 पद22:44 तक
- पुनर्वसु 3 पद04:01, 5 जुल॰ तक
- पुनर्वसु 4 पद09:19, 5 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 47m
- रात्रिमान
- 10h 13m
- मध्याह्न
- 12:06
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- पश्चिम · 04:01, 5 जुल॰ तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:32 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:51, 5 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 08:32 तकश्मशान में · 04:51, 5 जुल॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक05:12 –06:13
- शुभ मुहूर्त06:13 –08:32
- चोर पंचक08:32 –08:32
- राज पंचक08:32 –10:47
- शुभ मुहूर्त10:47 –12:09
- चोर पंचक12:09 –13:01
- शुभ मुहूर्त13:01 –15:19
- रोग पंचक15:19 –17:37
- शुभ मुहूर्त17:37 –19:41
- मृत्यु पंचक19:41 –21:25
- अग्नि पंचक21:25 –22:54
- शुभ मुहूर्त22:54 –00:21, 5 जुल॰
- मृत्यु पंचक00:21 –01:58, 5 जुल॰
- अग्नि पंचक01:58 –03:55, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त03:55 –04:51, 5 जुल॰
- राज पंचक04:51 –05:12, 5 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन03:58 –06:13
- कर्क06:13 –08:32
- सिंह08:32 –10:47
- कन्या10:47 –13:01
- तुला13:01 –15:19
- वृश्चिक15:19 –17:37
- धनु17:37 –19:41
- मकर19:41 –21:25
- कुम्भ21:25 –22:54
- मीन22:54 –00:21, 5 जुल॰
- मेष00:21 –01:58, 5 जुल॰
- वृषभ01:58 –03:55, 5 जुल॰
- मिथुन03:55 –06:09, 5 जुल॰
पंचांग · अयोध्या, 4 जुलाई 2027
रविवार, 4 जुलाई 2027 को अयोध्या में सूर्योदय 05:12 और सूर्यास्त 18:59 पर है। तिथि अमावस्या 08:32 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र आर्द्रा 12:09 तक, फिर पुनर्वसु; योग ध्रुव 15:21 तक, फिर व्याघात; करण नाग 08:32 तक, फिर किंस्तुघ्न। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 17:16–18:59, अभिजित मुहूर्त 11:38–12:33। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 4 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?
अमावस्या 08:32 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 05:12, अयोध्या)।
4 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
आर्द्रा 12:09 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 5 जुलाई 04:01 तक।
अयोध्या में 4 जुलाई 2027 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 17:16–18:59, यमगण्ड 12:06–13:49, गुलिक काल 15:32–17:16।
अयोध्या में 4 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:12, सूर्यास्त 18:59, चंद्रोदय 05:01 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 जुलाई 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:38–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 03:50–04:31। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 जुलाई 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
अमावस्या।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2413° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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