पंचांग · मंगलवार, 4 मई 2027अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण त्रयोदशी19:31 तक
- कृष्ण चतुर्दशी18:17, 5 मई तक
- रेवतीस्वामी बुध03:14, 5 मई तक
- अश्विनीस्वामी केतु02:31, 6 मई तक
- विष्कुम्भ16:13 तक
- प्रीति14:14, 5 मई तक
- गर07:53 तक
- वणिज19:31 तक
- विष्टि06:58, 5 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:21बिंब मध्य 05:25
- सूर्यास्त
- 18:35बिंब मध्य 18:31
- चंद्रोदय
- 03:32
- चंद्रास्त
- 16:35
- दिनमान
- 13h 14m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मीन03:14, 5 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:55 –04:38
- प्रातः संध्या04:17 –05:21
- अभिजित मुहूर्त11:32 –12:25
- विजय मुहूर्त14:11 –15:03
- गोधूलि मुहूर्त18:35 –18:57
- सायाह्न संध्या18:35 –19:40
- निशीथ मुहूर्त23:36 –00:19, 5 मई
- अमृत काल00:51 –02:26, 5 मई
- राहु काल15:17 –16:56
- यमगंड08:40 –10:19
- गुलिक काल11:58 –13:37
- दुर्मुहूर्त08:00 –08:53
- दुर्मुहूर्त22:53 –23:36
- वर्ज्य15:16 –16:52
- गंड मूल05:21 –03:14, 5 मई
- गंड मूल03:14 –05:20, 5 मई
- भद्रा19:31 –05:20, 5 मई
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:21 – 07:00
- उद्वेगअशुभ07:00 – 08:40
- चरसम08:40 – 10:19
- लाभलाभ10:19 – 11:58
- अमृतश्रेष्ठ11:58 – 13:37
- कालहानि13:37 – 15:17
- शुभशुभ15:17 – 16:56
- रोगअनिष्ट16:56 – 18:35
- कालहानि18:35 – 19:56
- लाभलाभ19:56 – 21:17
- उद्वेगअशुभ21:17 – 22:37
- शुभशुभ22:37 – 23:58
- अमृतश्रेष्ठ23:58 – 01:18
- चरसम01:18 – 02:39
- रोगअनिष्ट02:39 – 04:00
- कालहानि04:00 – 05:20
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:21–06:27 |
| सूर्य | 06:27–07:34 |
| शुक्र | 07:34–08:40 |
| बुध | 08:40–09:46 |
| चन्द्र | 09:46–10:52 |
| शनि | 10:52–11:58 |
| गुरु | 11:58–13:04 |
| मंगल | 13:04–14:11 |
| सूर्य | 14:11–15:17 |
| शुक्र | 15:17–16:23 |
| बुध | 16:23–17:29 |
| चन्द्र | 17:29–18:35 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:35–19:29 |
| गुरु | 19:29–20:23 |
| मंगल | 20:23–21:17 |
| सूर्य | 21:17–22:10 |
| शुक्र | 22:10–23:04 |
| बुध | 23:04–23:58 |
| चन्द्र | 23:58–00:52 |
| शनि | 00:52–01:45 |
| गुरु | 01:45–02:39 |
| मंगल | 02:39–03:33 |
| सूर्य | 03:33–04:27 |
| शुक्र | 04:27–05:20 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 1 पद09:22 तक
- रेवती 2 पद15:22 तक
- रेवती 3 पद21:19 तक
- रेवती 4 पद03:14, 5 मई तक
- अश्विनी 1 पद09:07, 5 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 14m
- रात्रिमान
- 10h 45m
- मध्याह्न
- 11:58
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- उत्तर · 03:14, 5 मई तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:31 तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 19:31 तकश्मशान में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:21 –06:02
- चोर पंचक06:02 –07:58
- शुभ मुहूर्त07:58 –10:13
- रोग पंचक10:13 –12:31
- शुभ मुहूर्त12:31 –14:47
- मृत्यु पंचक14:47 –17:01
- अग्नि पंचक17:01 –19:19
- शुभ मुहूर्त19:19 –19:31
- राज पंचक19:31 –21:37
- शुभ मुहूर्त21:37 –23:41
- चोर पंचक23:41 –01:25, 5 मई
- शुभ मुहूर्त01:25 –02:54, 5 मई
- रोग पंचक02:54 –03:14, 5 मई
- शुभ मुहूर्त03:14 –05:20, 5 मई
उदय लग्न
- मेष04:25 –06:02
- वृषभ06:02 –07:58
- मिथुन07:58 –10:13
- कर्क10:13 –12:31
- सिंह12:31 –14:47
- कन्या14:47 –17:01
- तुला17:01 –19:19
- वृश्चिक19:19 –21:37
- धनु21:37 –23:41
- मकर23:41 –01:25, 5 मई
- कुम्भ01:25 –02:54, 5 मई
- मीन02:54 –04:21, 5 मई
- मेष04:21 –05:58, 5 मई
पंचांग · अयोध्या, 4 मई 2027
मंगलवार, 4 मई 2027 को अयोध्या में सूर्योदय 05:21 और सूर्यास्त 18:35 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 19:31 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र रेवती 5 मई 03:14 तक, फिर अश्विनी; योग विष्कुम्भ 16:13 तक, फिर प्रीति; करण गर 07:53 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:17–16:56, अभिजित मुहूर्त 11:32–12:25। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 4 मई 2027 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण त्रयोदशी 19:31 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:21, अयोध्या)।
4 मई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 5 मई 03:14 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 5 मई 03:14 तक।
अयोध्या में 4 मई 2027 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:17–16:56, यमगण्ड 08:40–10:19, गुलिक काल 11:58–13:37।
अयोध्या में 4 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 18:35, चंद्रोदय 03:32 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मई 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:32–12:25, ब्रह्म मुहूर्त 03:55–04:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 मई 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
भौम प्रदोष।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर मई 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2390° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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