पंचांग · शुक्रवार, 4 नवंबर 2022अयोध्या

कार्तिक · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2079देवउठनी एकादशीप्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:13सूर्योदय17:17सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 18:08 तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
00:12, 5 नव॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1317:17
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:22 –11:45
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:13दिन17:17
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
भद्रा
वर्ज्य
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:17रात06:13
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    18:08 तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    17:07, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    00:12, 5 नव॰ तक
  2. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    23:56, 5 नव॰ तक
योग
  1. व्याघात
    03:15, 5 नव॰ तक
  2. हर्षण
    01:23, 6 नव॰ तक
करण
  1. वणिज
    06:47 तक
  2. विष्टि
    18:08 तक
  3. बव
    05:35, 5 नव॰ तक
  4. बालव
    17:07, 5 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:13
बिंब मध्य 06:16
सूर्यास्त
17:17
बिंब मध्य 17:12
चंद्रोदय
14:59
चंद्रास्त
01:59
दिनमान
11h 4m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
कुम्भ
18:19 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:21
  • प्रातः संध्या04:55 –06:13
  • अभिजित मुहूर्त11:22 –12:07
  • विजय मुहूर्त13:35 –14:20
  • गोधूलि मुहूर्त17:17 –17:43
  • सायाह्न संध्या17:17 –18:34
  • निशीथ मुहूर्त23:19 –00:11, 5 नव॰
  • अमृत काल16:24 –17:58
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:22 –11:45
  • यमगंड14:31 –15:54
  • गुलिक काल07:36 –08:59
  • दुर्मुहूर्त08:25 –09:10
  • दुर्मुहूर्त12:07 –12:51
  • वर्ज्य07:03 –08:36
  • भद्रा06:47 –18:08

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:13 – 07:36
  • लाभलाभ07:36 – 08:59
  • अमृतश्रेष्ठ08:59 – 10:22
  • कालहानि10:22 – 11:45
  • शुभशुभ11:45 – 13:08
  • रोगअनिष्ट13:08 – 14:31
  • उद्वेगअशुभ14:31 – 15:54
  • चरसम15:54 – 17:17
रात
  • रोगअनिष्ट17:17 – 18:54
  • कालहानि18:54 – 20:31
  • लाभलाभ20:31 – 22:08
  • उद्वेगअशुभ22:08 – 23:45
  • शुभशुभ23:45 – 01:22
  • अमृतश्रेष्ठ01:22 – 02:59
  • चरसम02:59 – 04:36
  • रोगअनिष्ट04:36 – 06:13

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:13–07:08
बुध07:08–08:03
चन्द्र08:03–08:59
शनि08:59–09:54
गुरु09:54–10:49
मंगल10:49–11:45
सूर्य11:45–12:40
शुक्र12:40–13:35
बुध13:35–14:31
चन्द्र14:31–15:26
शनि15:26–16:21
गुरु16:21–17:17
रात
ग्रहसमय
मंगल17:17–18:21
सूर्य18:21–19:26
शुक्र19:26–20:31
बुध20:31–21:36
चन्द्र21:36–22:40
शनि22:40–23:45
गुरु23:45–00:50
मंगल00:50–01:54
सूर्य01:54–02:59
शुक्र02:59–04:04
बुध04:04–05:09
चन्द्र05:09–06:13

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वभाद्रपद 1 पद06:38 तक
  • पूर्वभाद्रपद 2 पद12:28 तक
  • पूर्वभाद्रपद 3 पद18:19 तक
  • पूर्वभाद्रपद 4 पद00:12, 5 नव॰ तक
  • उत्तरभाद्रपद 1 पद06:06, 5 नव॰ तक
  • उत्तरभाद्रपद 2 पद12:01, 5 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 4m
रात्रिमान
12h 56m
मध्याह्न
11:45

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कुम्भ · 18:19 तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वभाद्रपद · 00:12, 5 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
उत्तरभाद्रपद · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 18:19 तकउत्तर
अग्निवास
पाताल · 18:08 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 18:08 तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:13 –07:14
  • शुभ मुहूर्त07:14 –09:32
  • चोर पंचक09:32 –11:36
  • शुभ मुहूर्त11:36 –13:20
  • रोग पंचक13:20 –14:50
  • शुभ मुहूर्त14:50 –17:53
  • रोग पंचक17:53 –18:08
  • शुभ मुहूर्त18:08 –19:50
  • मृत्यु पंचक19:50 –22:04
  • अग्नि पंचक22:04 –00:12, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:12 –00:23, 5 नव॰
  • राज पंचक00:23 –02:38, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:38 –04:53, 5 नव॰
  • चोर पंचक04:53 –06:13, 5 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:57 –07:14
  • वृश्चिक07:14 –09:32
  • धनु09:32 –11:36
  • मकर11:36 –13:20
  • कुम्भ13:20 –14:50
  • मीन14:50 –16:16
  • मेष16:16 –17:53
  • वृषभ17:53 –19:50
  • मिथुन19:50 –22:04
  • कर्क22:04 –00:23, 5 नव॰
  • सिंह00:23 –02:38, 5 नव॰
  • कन्या02:38 –04:53, 5 नव॰
  • तुला04:53 –07:10, 5 नव॰

पंचांग · अयोध्या, 4 नवंबर 2022

शुक्रवार, 4 नवंबर 2022 को अयोध्या में सूर्योदय 06:13 और सूर्यास्त 17:17 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 18:08 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 5 नवंबर 00:12 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग व्याघात 5 नवंबर 03:15 तक, फिर हर्षण; करण वणिज 06:47 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:22–11:45, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:07। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 4 नवंबर 2022 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 18:08 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:13, अयोध्या)।

4 नवंबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वभाद्रपद 5 नवंबर 00:12 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 18:19 तक।

अयोध्या में 4 नवंबर 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:22–11:45, यमगण्ड 14:31–15:54, गुलिक काल 07:36–08:59।

अयोध्या में 4 नवंबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 17:17, चंद्रोदय 14:59 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 नवंबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:22–12:07, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 नवंबर 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

देवउठनी एकादशी, प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1762° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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