पंचांग · सोमवार, 19 अक्टूबर 2020अयोध्या

आश्विन · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2077

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:03सूर्योदय17:29सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 14:08 तक
नक्षत्र
विशाखा
06:08 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0317:29
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:29 –08:54
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:03दिन17:29
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:29रात06:03
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
गंड मूल
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    14:08 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    11:19, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    06:08 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    03:52, 20 अक्टू॰ तक
  3. ज्येष्ठास्वामी बुध
    02:12, 21 अक्टू॰ तक
योग
  1. आयुष्मान्
    13:18 तक
  2. सौभाग्य
    09:48, 20 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    14:08 तक
  2. वणिज
    00:39, 20 अक्टू॰ तक
  3. विष्टि
    11:19, 20 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:03
बिंब मध्य 06:06
सूर्यास्त
17:29
बिंब मध्य 17:25
चंद्रोदय
08:36
चंद्रास्त
19:41
दिनमान
11h 26m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृश्चिक
02:12, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:13
  • प्रातः संध्या04:48 –06:03
  • अभिजित मुहूर्त11:23 –12:09
  • विजय मुहूर्त13:40 –14:26
  • गोधूलि मुहूर्त17:29 –17:54
  • सायाह्न संध्या17:29 –18:44
  • निशीथ मुहूर्त23:21 –00:11, 20 अक्टू॰
  • अमृत काल18:27 –19:54
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:29 –08:54
  • यमगंड10:20 –11:46
  • गुलिक काल13:12 –14:37
  • दुर्मुहूर्त12:09 –12:55
  • दुर्मुहूर्त14:26 –15:12
  • वर्ज्य09:46 –11:13
  • गंड मूल03:52 –06:03, 20 अक्टू॰
  • भद्रा00:39 –06:03, 20 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:03 – 07:29
  • कालहानि07:29 – 08:54
  • शुभशुभ08:54 – 10:20
  • रोगअनिष्ट10:20 – 11:46
  • उद्वेगअशुभ11:46 – 13:12
  • चरसम13:12 – 14:37
  • लाभलाभ14:37 – 16:03
  • अमृतश्रेष्ठ16:03 – 17:29
रात
  • चरसम17:29 – 19:03
  • रोगअनिष्ट19:03 – 20:38
  • कालहानि20:38 – 22:12
  • लाभलाभ22:12 – 23:46
  • उद्वेगअशुभ23:46 – 01:21
  • शुभशुभ01:21 – 02:55
  • अमृतश्रेष्ठ02:55 – 04:29
  • चरसम04:29 – 06:03

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:03–07:00
शनि07:00–07:57
गुरु07:57–08:54
मंगल08:54–09:52
सूर्य09:52–10:49
शुक्र10:49–11:46
बुध11:46–12:43
चन्द्र12:43–13:40
शनि13:40–14:37
गुरु14:37–15:35
मंगल15:35–16:32
सूर्य16:32–17:29
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:29–18:32
बुध18:32–19:35
चन्द्र19:35–20:38
शनि20:38–21:40
गुरु21:40–22:43
मंगल22:43–23:46
सूर्य23:46–00:49
शुक्र00:49–01:52
बुध01:52–02:55
चन्द्र02:55–03:58
शनि03:58–05:01
गुरु05:01–06:03

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद06:08 तक
  • अनुराधा 1 पद11:31 तक
  • अनुराधा 2 पद16:56 तक
  • अनुराधा 3 पद22:23 तक
  • अनुराधा 4 पद03:52, 20 अक्टू॰ तक
  • ज्येष्ठा 1 पद09:24, 20 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 26m
रात्रिमान
12h 34m
मध्याह्न
11:46

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 06:08 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · 03:52, 20 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 14:08 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 14:08 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:03 –06:08
  • अग्नि पंचक06:08 –08:15
  • शुभ मुहूर्त08:15 –10:33
  • राज पंचक10:33 –12:37
  • शुभ मुहूर्त12:37 –14:08
  • चोर पंचक14:08 –14:21
  • शुभ मुहूर्त14:21 –15:50
  • रोग पंचक15:50 –17:17
  • चोर पंचक17:17 –18:54
  • शुभ मुहूर्त18:54 –20:51
  • रोग पंचक20:51 –23:05
  • शुभ मुहूर्त23:05 –01:24, 20 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक01:24 –03:39, 20 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक03:39 –03:52, 20 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:52 –05:54, 20 अक्टू॰
  • राज पंचक05:54 –06:03, 20 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:57 –08:15
  • वृश्चिक08:15 –10:33
  • धनु10:33 –12:37
  • मकर12:37 –14:21
  • कुम्भ14:21 –15:50
  • मीन15:50 –17:17
  • मेष17:17 –18:54
  • वृषभ18:54 –20:51
  • मिथुन20:51 –23:05
  • कर्क23:05 –01:24, 20 अक्टू॰
  • सिंह01:24 –03:39, 20 अक्टू॰
  • कन्या03:39 –05:54, 20 अक्टू॰
  • तुला05:54 –08:11, 20 अक्टू॰

पंचांग · अयोध्या, 19 अक्टूबर 2020

सोमवार, 19 अक्टूबर 2020 को अयोध्या में सूर्योदय 06:03 और सूर्यास्त 17:29 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 14:08 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 06:08 तक, फिर अनुराधा; योग आयुष्मान् 13:18 तक, फिर सौभाग्य; करण गर 14:08 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:29–08:54, अभिजित मुहूर्त 11:23–12:09। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 19 अक्टूबर 2020 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 14:08 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:03, अयोध्या)।

19 अक्टूबर 2020 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 06:08 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 21 अक्टूबर 02:12 तक।

अयोध्या में 19 अक्टूबर 2020 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:29–08:54, यमगण्ड 10:20–11:46, गुलिक काल 13:12–14:37।

अयोध्या में 19 अक्टूबर 2020 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:29, चंद्रोदय 08:36 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

19 अक्टूबर 2020 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:23–12:09, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:13। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2020आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2020मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1476° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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