पंचांग · गुरुवार, 2 अप्रैल 2020अयोध्या

चैत्र · शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2077राम नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:51सूर्योदय18:19सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल नवमी
शुक्ल · 02:43, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
19:28 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5118:19
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:38 –15:12
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:51दिन18:19
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:19रात05:50
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल नवमी
    02:43, 3 अप्रैल तक
  2. शुक्ल दशमी
    00:58, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    19:28 तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    18:41, 3 अप्रैल तक
योग
  1. अतिगण्ड
    15:22 तक
  2. सुकर्मा
    13:10, 3 अप्रैल तक
करण
  1. बालव
    15:18 तक
  2. कौलव
    02:43, 3 अप्रैल तक
  3. तैतिल
    13:56, 3 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:51
बिंब मध्य 05:54
सूर्यास्त
18:19
बिंब मध्य 18:15
चंद्रोदय
12:09
चंद्रास्त
01:25
दिनमान
12h 28m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मिथुन
13:33 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:19 –05:05
  • प्रातः संध्या04:42 –05:51
  • अभिजित मुहूर्त11:40 –12:30
  • विजय मुहूर्त14:10 –14:59
  • गोधूलि मुहूर्त18:19 –18:42
  • सायाह्न संध्या18:19 –19:28
  • निशीथ मुहूर्त23:41 –00:27, 3 अप्रैल
  • अमृत काल17:04 –18:40
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:38 –15:12
  • यमगंड05:51 –07:24
  • गुलिक काल08:58 –10:31
  • दुर्मुहूर्त10:00 –10:50
  • दुर्मुहूर्त14:59 –15:49
  • वर्ज्य07:29 –09:05
  • वर्ज्य03:12 –04:45, 3 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:51 – 07:24
  • रोगअनिष्ट07:24 – 08:58
  • उद्वेगअशुभ08:58 – 10:31
  • चरसम10:31 – 12:05
  • लाभलाभ12:05 – 13:38
  • अमृतश्रेष्ठ13:38 – 15:12
  • कालहानि15:12 – 16:45
  • शुभशुभ16:45 – 18:19
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:19 – 19:45
  • चरसम19:45 – 21:12
  • रोगअनिष्ट21:12 – 22:38
  • कालहानि22:38 – 00:04
  • लाभलाभ00:04 – 01:31
  • उद्वेगअशुभ01:31 – 02:57
  • शुभशुभ02:57 – 04:23
  • अमृतश्रेष्ठ04:23 – 05:50

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:51–06:53
मंगल06:53–07:56
सूर्य07:56–08:58
शुक्र08:58–10:00
बुध10:00–11:03
चन्द्र11:03–12:05
शनि12:05–13:07
गुरु13:07–14:10
मंगल14:10–15:12
सूर्य15:12–16:14
शुक्र16:14–17:17
बुध17:17–18:19
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:19–19:17
शनि19:17–20:14
गुरु20:14–21:12
मंगल21:12–22:09
सूर्य22:09–23:07
शुक्र23:07–00:04
बुध00:04–01:02
चन्द्र01:02–02:00
शनि02:00–02:57
गुरु02:57–03:55
मंगल03:55–04:52
सूर्य04:52–05:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 2 पद07:35 तक
  • पुनर्वसु 3 पद13:33 तक
  • पुनर्वसु 4 पद19:28 तक
  • पुष्य 1 पद01:21, 3 अप्रैल तक
  • पुष्य 2 पद07:10, 3 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 28m
रात्रिमान
11h 31m
मध्याह्न
12:05

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 13:33 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 19:28 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पश्चिम · 13:33 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:43, 3 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 02:43, 3 अप्रैल तकसभा में
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:51 –06:28
  • राज पंचक06:28 –08:05
  • शुभ मुहूर्त08:05 –10:01
  • चोर पंचक10:01 –12:15
  • शुभ मुहूर्त12:15 –14:34
  • रोग पंचक14:34 –16:49
  • शुभ मुहूर्त16:49 –19:04
  • मृत्यु पंचक19:04 –19:28
  • अग्नि पंचक19:28 –21:22
  • शुभ मुहूर्त21:22 –23:39
  • राज पंचक23:39 –01:44, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:44 –02:43, 3 अप्रैल
  • चोर पंचक02:43 –03:27, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:27 –04:57, 3 अप्रैल
  • रोग पंचक04:57 –05:50, 3 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:01 –06:28
  • मेष06:28 –08:05
  • वृषभ08:05 –10:01
  • मिथुन10:01 –12:15
  • कर्क12:15 –14:34
  • सिंह14:34 –16:49
  • कन्या16:49 –19:04
  • तुला19:04 –21:22
  • वृश्चिक21:22 –23:39
  • धनु23:39 –01:44, 3 अप्रैल
  • मकर01:44 –03:27, 3 अप्रैल
  • कुम्भ03:27 –04:57, 3 अप्रैल
  • मीन04:57 –06:24, 3 अप्रैल

पंचांग · अयोध्या, 2 अप्रैल 2020

गुरुवार, 2 अप्रैल 2020 को अयोध्या में सूर्योदय 05:51 और सूर्यास्त 18:19 पर है। तिथि शुक्ल नवमी 3 अप्रैल 02:43 तक, फिर शुक्ल दशमी; नक्षत्र पुनर्वसु 19:28 तक, फिर पुष्य; योग अतिगण्ड 15:22 तक, फिर सुकर्मा; करण बालव 15:18 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:38–15:12, अभिजित मुहूर्त 11:40–12:30। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 2 अप्रैल 2020 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल नवमी 3 अप्रैल 02:43 तक, फिर शुक्ल दशमी (सूर्योदय 05:51, अयोध्या)।

2 अप्रैल 2020 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 19:28 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 13:33 तक।

अयोध्या में 2 अप्रैल 2020 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:38–15:12, यमगण्ड 05:51–07:24, गुलिक काल 08:58–10:31।

अयोध्या में 2 अप्रैल 2020 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:19, चंद्रोदय 12:09 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

2 अप्रैल 2020 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:40–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:19–05:05। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

2 अप्रैल 2020 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

राम नवमी।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2020आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2020मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1400° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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