राहुकाल · श्रीनगर

गुरुवार, 4 जनवरी 202907:3717:35

राहु काल

1 घं. 14 मि.
13:51 –15:05

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 15 मि.
07:37 –08:52

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 15 मि.
10:06 –11:21

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:37
यमगंड
2
08:52
—
3
10:06
गुलिक काल
4
11:21
—
5
12:36
—
6
13:51
राहु काल
7
15:05
—
8
16:20
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:56 –11:36
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:55 –15:35
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।12:30 –14:00
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।07:10, 5 जन॰ –08:40, 5 जन॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।07:37 –23:43

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

श्रीनगर में 4 जनवरी 2029 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:51–15:05, यमगण्ड 07:37–08:52, गुलिक काल 10:06–11:21; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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