राहुकाल · श्रीनगर

मंगलवार, 6 जून 202805:1919:40

राहु काल

1 घं. 47 मि.
16:05 –17:52

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 48 मि.
08:54 –10:42

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 47 मि.
12:30 –14:17

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:19
—
2
07:07
—
3
08:54
यमगंड
4
10:42
—
5
12:30
गुलिक काल
6
14:17
—
7
16:05
राहु काल
8
17:52
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:11 –09:09
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:32 –00:10, 7 जून
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।04:56 –06:30
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।00:39, 7 जून –05:19, 7 जून
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।12:30 –00:00, 7 जून

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

श्रीनगर में 6 जून 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 16:05–17:52, यमगण्ड 08:54–10:42, गुलिक काल 12:30–14:17; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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