राहुकाल · मैसूरु

मंगलवार, 5 अगस्त 202506:1118:48

राहु काल

1 घं. 34 मि.
15:39 –17:13

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 35 मि.
09:20 –10:55

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 35 मि.
12:29 –14:04

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:11
—
2
07:45
—
3
09:20
यमगंड
4
10:55
—
5
12:29
गुलिक काल
6
14:04
—
7
15:39
राहु काल
8
17:13
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:42 –09:33
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:21 –00:07, 6 अग॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:11 –11:22
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।11:22 –06:11, 6 अग॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:11 –13:12

मैसूरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

मैसूरु में 5 अगस्त 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:39–17:13, यमगण्ड 09:20–10:55, गुलिक काल 12:29–14:04; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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