राहुकाल · इंदौर

बुधवार, 4 अप्रैल 202906:1618:43

राहु काल

1 घं. 33 मि.
12:30 –14:03

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 33 मि.
07:50 –09:23

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
10:56 –12:30

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:16
—
2
07:50
यमगंड
3
09:23
—
4
10:56
गुलिक काल
5
12:30
राहु काल
6
14:03
—
7
15:36
—
8
17:10
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:05 –12:55
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:16 –09:30
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।09:30 –06:15, 5 अप्रैल
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।14:05 –01:38, 5 अप्रैल

इंदौर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

इंदौर में 4 अप्रैल 2029 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 12:30–14:03, यमगण्ड 07:50–09:23, गुलिक काल 10:56–12:30; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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