राहुकाल · अयोध्या

शनिवार, 4 नवंबर 202806:1317:16

राहु काल

1 घं. 23 मि.
08:59 –10:22

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 22 मि.
13:08 –14:30

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 23 मि.
06:13 –07:36

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:13
गुलिक काल
2
07:36
—
3
08:59
राहु काल
4
10:22
—
5
11:45
—
6
13:08
यमगंड
7
14:30
—
8
15:53
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:13 –06:57
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:57 –07:41
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:23, 5 नव॰ –07:04, 5 नव॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।05:19, 5 नव॰ –06:14, 5 नव॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

अयोध्या में 4 नवंबर 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:59–10:22, यमगण्ड 13:08–14:30, गुलिक काल 06:13–07:36; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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