राहुकाल · अयोध्या

शनिवार, 4 अप्रैल 202605:4918:20

राहु काल

1 घं. 34 मि.
08:57 –10:31

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
13:38 –15:12

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
05:49 –07:23

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:49
गुलिक काल
2
07:23
—
3
08:57
राहु काल
4
10:31
—
5
12:04
—
6
13:38
यमगंड
7
15:12
—
8
16:46
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।05:49 –06:39
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:39 –07:29
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:47, 5 अप्रैल –05:33, 5 अप्रैल
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।23:02 –05:48, 5 अप्रैल

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

अयोध्या में 4 अप्रैल 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:57–10:31, यमगण्ड 13:38–15:12, गुलिक काल 05:49–07:23; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर