लग्न सारणी · वाराणसी
रविवार, 15 नवंबर 202606:1517:10
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.04:09 –06:26
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.06:26 –08:43
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.08:43 –10:47
- 10मकरचर1 घं. 45 मि.10:47 –12:32
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 31 मि.12:32 –14:03
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 28 मि.14:03 –15:31
- 1मेषचर1 घं. 39 मि.15:31 –17:10
- 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.17:10 –19:07
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.19:07 –21:21
- 4कर्कचर2 घं. 17 मि.21:21 –23:38
- 5सिंहस्थिर2 घं. 14 मि.23:38 –01:52, 16 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.01:52, 16 नव॰ –04:05, 16 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.04:05, 16 नव॰ –06:22, 16 नव॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
वाराणसी में 15 नवंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:15 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।