लग्न सारणी · वाराणसी

रविवार, 18 अक्टूबर 202605:5817:28

पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.03:46 –05:59
  • 7तुलाचर2 घं. 17 मि.05:59 –08:16
  • 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.08:16 –10:33
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.10:33 –12:37
  • 10मकरचर1 घं. 45 मि.12:37 –14:22
  • 11कुम्भस्थिर1 घं. 31 मि.14:22 –15:53
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 28 मि.15:53 –17:21
  • 1मेषचर1 घं. 39 मि.17:21 –19:00
  • 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.19:00 –20:57
  • 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.20:57 –23:11
  • 4कर्कचर2 घं. 18 मि.23:11 –01:29, 19 अक्टू॰
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 13 मि.01:29, 19 अक्टू॰ –03:42, 19 अक्टू॰
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.03:42, 19 अक्टू॰ –05:55, 19 अक्टू॰
  • 7तुलाचर2 घं. 17 मि.05:55, 19 अक्टू॰ –08:12, 19 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

लग्न सारणी

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर

लग्न सारणी क्या है?

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

वाराणसी में 18 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?

सूर्योदय 05:58 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।

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