लग्न सारणी · वडोदरा
शुक्रवार, 31 अक्टूबर 202506:4118:01
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 14 मि.05:44 –07:58
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 15 मि.07:58 –10:13
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 6 मि.10:13 –12:19
- 10मकरचर1 घं. 47 मि.12:19 –14:06
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 33 मि.14:06 –15:39
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 32 मि.15:39 –17:11
- 1मेषचर1 घं. 41 मि.17:11 –18:52
- 2वृषभस्थिर1 घं. 58 मि.18:52 –20:50
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.20:50 –23:03
- 4कर्कचर2 घं. 16 मि.23:03 –01:19, 1 नव॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 11 मि.01:19, 1 नव॰ –03:30, 1 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 10 मि.03:30, 1 नव॰ –05:40, 1 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 14 मि.05:40, 1 नव॰ –07:54, 1 नव॰
वडोदरा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
वडोदरा में 31 अक्टूबर 2025 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:41 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।