लग्न सारणी · श्रीनगर
शुक्रवार, 4 दिसंबर 202607:2017:21
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.06:00 –08:21
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.08:21 –10:24
- 10मकरचर1 घं. 37 मि.10:24 –12:01
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.12:01 –13:23
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.13:23 –14:42
- 1मेषचर1 घं. 29 मि.14:42 –16:11
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.16:11 –18:04
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.18:04 –20:20
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.20:20 –22:45
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.22:45 –01:08, 5 दिस॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.01:08, 5 दिस॰ –03:31, 5 दिस॰
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.03:31, 5 दिस॰ –05:56, 5 दिस॰
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.05:56, 5 दिस॰ –08:17, 5 दिस॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 4 दिसंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 07:20 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।