लग्न सारणी · श्रीनगर
बुधवार, 14 अक्टूबर 202606:3517:58
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.04:33 –06:55
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.06:55 –09:20
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.09:20 –11:42
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 2 मि.11:42 –13:44
- 10मकरचर1 घं. 38 मि.13:44 –15:22
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.15:22 –16:43
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.16:43 –18:02
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.18:02 –19:32
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.19:32 –21:25
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.21:25 –23:41
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.23:41 –02:06, 15 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.02:06, 15 अक्टू॰ –04:29, 15 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.04:29, 15 अक्टू॰ –06:51, 15 अक्टू॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 14 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:35 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।