लग्न सारणी · श्रीनगर

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 202606:2618:14

पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.05:20 –07:43
  • 7तुलाचर2 घं. 24 मि.07:43 –10:07
  • 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.10:07 –12:29
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.12:29 –14:32
  • 10मकरचर1 घं. 37 मि.14:32 –16:09
  • 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.16:09 –17:30
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.17:30 –18:49
  • 1मेषचर1 घं. 30 मि.18:49 –20:19
  • 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.20:19 –22:12
  • 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.22:12 –00:28, 3 अक्टू॰
  • 4कर्कचर2 घं. 25 मि.00:28, 3 अक्टू॰ –02:53, 3 अक्टू॰
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.02:53, 3 अक्टू॰ –05:16, 3 अक्टू॰
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.05:16, 3 अक्टू॰ –07:39, 3 अक्टू॰

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

लग्न सारणी

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर

लग्न सारणी क्या है?

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

श्रीनगर में 2 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?

सूर्योदय 06:26 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।

लग्न सारणी — अन्य शहर