लग्न सारणी · श्रीनगर
मंगलवार, 1 सितंबर 202606:0418:57
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.04:59 –07:22
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.07:22 –09:44
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.09:44 –12:09
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.12:09 –14:31
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 2 मि.14:31 –16:33
- 10मकरचर1 घं. 38 मि.16:33 –18:11
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.18:11 –19:32
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.19:32 –20:51
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.20:51 –22:21
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.22:21 –00:14, 2 सित॰
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.00:14, 2 सित॰ –02:30, 2 सित॰
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.02:30, 2 सित॰ –04:55, 2 सित॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.04:55, 2 सित॰ –07:18, 2 सित॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 1 सितंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:04 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।