लग्न सारणी · श्रीनगर
शुक्रवार, 31 जुलाई 202605:4119:33
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.04:39 –07:04
- 5सिंहस्थिर2 घं. 24 मि.07:04 –09:28
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.09:28 –11:50
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.11:50 –14:15
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.14:15 –16:37
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 2 मि.16:37 –18:39
- 10मकरचर1 घं. 38 मि.18:39 –20:17
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.20:17 –21:38
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.21:38 –22:57
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.22:57 –00:27, 1 अग॰
- 2वृषभस्थिर1 घं. 52 मि.00:27, 1 अग॰ –02:19, 1 अग॰
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.02:19, 1 अग॰ –04:35, 1 अग॰
- 4कर्कचर2 घं. 26 मि.04:35, 1 अग॰ –07:01, 1 अग॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 31 जुलाई 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 05:41 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।