लग्न सारणी · श्रीनगर
मंगलवार, 30 जून 202605:2219:46
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.04:25 –06:41
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.06:41 –09:06
- 5सिंहस्थिर2 घं. 24 मि.09:06 –11:30
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.11:30 –13:52
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.13:52 –16:17
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.16:17 –18:39
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 2 मि.18:39 –20:41
- 10मकरचर1 घं. 38 मि.20:41 –22:19
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.22:19 –23:40
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.23:40 –00:59, 1 जुल॰
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.00:59, 1 जुल॰ –02:29, 1 जुल॰
- 2वृषभस्थिर1 घं. 52 मि.02:29, 1 जुल॰ –04:21, 1 जुल॰
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.04:21, 1 जुल॰ –06:37, 1 जुल॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 30 जून 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 05:22 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।