लग्न सारणी · श्रीनगर
शनिवार, 30 मई 202605:2119:36
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.04:34 –06:27
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.06:27 –08:43
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.08:43 –11:08
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.11:08 –13:31
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.13:31 –15:54
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.15:54 –18:19
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.18:19 –20:40
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.20:40 –22:43
- 10मकरचर1 घं. 37 मि.22:43 –00:20, 31 मई
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.00:20, 31 मई –01:42, 31 मई
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.01:42, 31 मई –03:01, 31 मई
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.03:01, 31 मई –04:31, 31 मई
- 2वृषभस्थिर1 घं. 52 मि.04:31, 31 मई –06:23, 31 मई
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 30 मई 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 05:21 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।