लग्न सारणी · श्रीनगर

सोमवार, 30 मार्च 202606:2118:50

पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 18 मि.05:46 –07:04
  • 1मेषचर1 घं. 30 मि.07:04 –08:34
  • 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.08:34 –10:27
  • 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.10:27 –12:43
  • 4कर्कचर2 घं. 25 मि.12:43 –15:08
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.15:08 –17:31
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.17:31 –19:54
  • 7तुलाचर2 घं. 25 मि.19:54 –22:19
  • 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.22:19 –00:40, 31 मार्च
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.00:40, 31 मार्च –02:43, 31 मार्च
  • 10मकरचर1 घं. 37 मि.02:43, 31 मार्च –04:20, 31 मार्च
  • 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.04:20, 31 मार्च –05:42, 31 मार्च
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.05:42, 31 मार्च –07:01, 31 मार्च

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

लग्न सारणी

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर

लग्न सारणी क्या है?

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

श्रीनगर में 30 मार्च 2026 की लग्न सारणी क्या है?

सूर्योदय 06:21 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।

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