लग्न सारणी · श्रीनगर
मंगलवार, 3 मार्च 202606:5718:29
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.06:10 –07:32
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.07:32 –08:51
- 1मेषचर1 घं. 29 मि.08:51 –10:20
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.10:20 –12:13
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.12:13 –14:29
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.14:29 –16:54
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.16:54 –19:17
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.19:17 –21:40
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.21:40 –00:05, 4 मार्च
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.00:05, 4 मार्च –02:26, 4 मार्च
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.02:26, 4 मार्च –04:29, 4 मार्च
- 10मकरचर1 घं. 37 मि.04:29, 4 मार्च –06:06, 4 मार्च
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.06:06, 4 मार्च –07:28, 4 मार्च
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 3 मार्च 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:57 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।