लग्न सारणी · श्रीनगर
रविवार, 4 जनवरी 202607:3717:35
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.06:18 –08:21
- 10मकरचर1 घं. 37 मि.08:21 –09:58
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.09:58 –11:20
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.11:20 –12:39
- 1मेषचर1 घं. 29 मि.12:39 –14:08
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.14:08 –16:01
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.16:01 –18:17
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.18:17 –20:42
- 5सिंहस्थिर2 घं. 24 मि.20:42 –23:06
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.23:06 –01:28, 5 जन॰
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.01:28, 5 जन॰ –03:53, 5 जन॰
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.03:53, 5 जन॰ –06:14, 5 जन॰
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.06:14, 5 जन॰ –08:17, 5 जन॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 4 जनवरी 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 07:37 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।