लग्न सारणी · श्रीनगर
मंगलवार, 4 नवंबर 202506:5317:35
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.05:32 –07:57
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.07:57 –10:18
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.10:18 –12:21
- 10मकरचर1 घं. 37 मि.12:21 –13:58
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.13:58 –15:20
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.15:20 –16:39
- 1मेषचर1 घं. 29 मि.16:39 –18:08
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.18:08 –20:01
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.20:01 –22:17
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.22:17 –00:42, 5 नव॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.00:42, 5 नव॰ –03:05, 5 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.03:05, 5 नव॰ –05:28, 5 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.05:28, 5 नव॰ –07:53, 5 नव॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 4 नवंबर 2025 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:53 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।