लग्न सारणी · श्रीनगर
रविवार, 30 मार्च 202506:2118:50
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 18 मि.05:45 –07:03
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.07:03 –08:33
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.08:33 –10:26
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.10:26 –12:42
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.12:42 –15:07
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.15:07 –17:30
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.17:30 –19:53
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.19:53 –22:18
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.22:18 –00:39, 31 मार्च
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.00:39, 31 मार्च –02:42, 31 मार्च
- 10मकरचर1 घं. 37 मि.02:42, 31 मार्च –04:19, 31 मार्च
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.04:19, 31 मार्च –05:41, 31 मार्च
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.05:41, 31 मार्च –07:00, 31 मार्च
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 30 मार्च 2025 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:21 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।